नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेट कप्तान इमरान खान की बिगड़ती सेहत को लेकर 14 पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को पत्र लिखा है। इन नेताओं ने पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मांग की है कि इमरान खान को जेल में उचित और जरूरी चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। इमरान खान अब तक जेल में 800 दिनों से अधिक समय बिता चुके हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति गंभीर बनी हुई है। इस कारण जेल में उनके साथ किए जा रहे व्यवहार को लेकर चिंताएं और सवाल बढ़ गए हैं।
इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले प्रमुख पूर्व क्रिकेट कप्तानों में सुनील गावस्कर, कपिल देव, ग्रेग चैपल, माइकल एथरटन, नासिर हुसैन, इयान चैपल, माइकल ब्रियरली, एलन बॉर्डर, डेविड गावर, किम ह्यूजेस, क्लाइव लॉयड, स्टीव वॉ और जॉन राइट शामिल हैं। इससे पहले इमरान की बहन अलीमा खानम ने जेल में उनके साथ हो रहे व्यवहार और बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंता जताई थी।
इमरान खान की एक आंख की रौशनी सिर्फ 15% बची
जेल में दो साल से बंद इमरान खान की सेहत लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। हाल ही में कोर्ट में एक वकील ने दावा किया कि उनकी दाहिनी आंख में केवल 15 प्रतिशत रौशनी बची है। आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी शिकायतों पर तीन महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की। इस स्थिति को देखते हुए, विश्वभर के 14 पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को पत्र लिखा है। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में सुनील गावस्कर और कपिल देव शामिल हैं। उन्होंने मांग की है कि जेल में इमरान खान को उचित और जरूरी इलाज प्रदान किया जाए।
एक रिपोर्ट के अनुसार, पत्र में लिखा गया है “हम, हमारी नेशनल क्रिकेट टीमों के साइन किए हुए पूर्व कप्तान, पाकिस्तान के जाने-माने पूर्व कप्तान और वर्ल्ड क्रिकेट के महान खिलाड़ी इमरान खान के साथ कथित तौर पर किए गए बर्ताव और जेल की हालत के बारे में गहरी चिंता के साथ लिख रहे हैं।
पूर्व कप्तानों की पाकिस्तान सरकार से मांग
14 पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को पत्र लिखकर जेल में बंद इमरान खान के साथ उचित व्यवहार और इलाज की मांग की है। पत्र में उन्होंने इमरान खान के खेल और सार्वजनिक जीवन में योगदान की तारीफ की। पूर्व कप्तानों ने लिखा कि इमरान ने 1992 में पाकिस्तान को वर्ल्ड कप जिताया, उनके खेल और नेतृत्व ने नई पीढ़ी को प्रेरित किया। उन्होंने क्रिकेट के बेहतरीन ऑलराउंडर होने के साथ-साथ प्रधानमंत्री के रूप में भी पाकिस्तान की सेवा की और मुश्किल समय में देश को संभाला।
जेल में उनकी बिगड़ती सेहत पर चिंता व्यक्त करते हुए पत्र में कहा गया कि उनकी आंखों की रौशनी कम हो रही है और उन्हें उचित मेडिकल सुविधा मिलनी चाहिए। पूर्व कप्तानों ने मांग की कि इमरान को अपनी पसंद के क्वालिफाइड स्पेशलिस्ट से लगातार इलाज मिले, इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के हिसाब से जेल में उनकी इज्जत बनी रहे और उनके करीबी रिश्तेदार नियमित रूप से उनसे मिल सकें। पत्र में उन्होंने यह भी कहा कि क्रिकेट हमेशा एक पुल का काम करता है और मैदान की दुश्मनी खत्म होने के बाद सम्मान कायम रहता है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि तहजीब और न्याय के उसूलों का पालन करते हुए इमरान खान के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।





