रांची, 16 मार्च (आईएएनएस)। झारखंड में प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना के तहत जनजातीय आबादी बहुल कुल 3891 गांवों का चुनाव किया है। इन गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, पोषण, छात्रवृत्ति, डिजिटलाइजेशन सहित कई सुविधाओं के लिए विशेष योजनाएं ली जायेंगी। यह जानकारी लोकसभा में जनजातीय कार्य मंत्रालय की ओर से दी गई है। झारखंड के चतरा क्षेत्र के सांसद सुनील कुमार सिंह ने इस बाबत लोकसभा के जरिए सरकार से जानकारी मांगी थी। इसपर सरकार की ओर से दिये गये जवाब में बताया गया है कि प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना के जरिये उन गांवों का चुनाव किया जा रहा है, जहां 500 से अधिक और 50 प्रतिशत जनजातीय आबादी रहती है। जनजाति कार्य मंत्रालय ने वर्ष 2021-22 के दौरान ऐसे गांवों को मॉडल गांव में बदलने के वास्ते पहल शुरू कर दी है। इस योजना में पूरे देश में कुल 36428 गांवों को चिन्हित किया गया है। मंत्रालय की ओर से बताया गया कि झारखंड के 23 जिलों में से कुल 3891 गांवों की पहचान की गयी है। ऐसे सबसे अधिक 615गांव पश्चिम सिंहभूम जिले में हैं। इसके बाद गुमला में 474, रांची में 442, पूर्वी सिंहभूम में 266, खूंटी में 254, सिमडेगा में 254, पाकुड़ में 224, लातेहार में 177, दुमका में 133, लोहरदगा में 161, सरायकेला-खरसावां में 151, जामताड़ा में 108, साहेबगंज में 102 सहित अन्य जिलों में भी ऐसे गांवों की पहचान की गई है। जनजातीय कार्य मंत्रालय के मुताबिक 500 से अधिक और 50 फीसदी जनजातीय आबादी वाले गांव सांसद आदर्श ग्राम योजना के दायरे में नहीं आते हैं, ऐसे में मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना शुरू की है। –आईएएनएस एसएनसी/आरजेएस




