नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। देश में एक बार फिर One Nation One Election (एक देश, एक चुनाव) और जातीय जनगणना (Caste Census) की बात हो रही है। खबरों के अनुसार, NDA सरकार के मौजूदा कार्यकाल में One Nation One Election लागू हो सकता है और देश भर में जल्द ही जातीय जनगणना कराई जा सकती है। इस पर बिहार के पूर्व मंत्री और राज्यसभा सांसद संजय झा ने 16 सितंबर को एक न्यूज़ चैनल से बातचीत में अपनी राय दी है।
पूरे देश में जातीय गणना कराना अच्छी बात होगीः संजय झा
संजय झा ने कहा कि हर चार महीने में चुनाव की वजह से काम प्रभावित होता है। इसीलिए One Nation One Election होना चाहिए और जितना जल्दी हो, उतना अच्छा है। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार ने पहले ही जातीय गणना करवाई थी, और अगर पूरे देश में भी जातीय गणना हो तो यह अच्छी बात होगी।
जासूसी के आरोप लगने पर संजय झा का कहना
तेजस्वी यादव के जासूसी के आरोप पर संजय झा ने जवाब दिया। तेजस्वी यादव ने कहा था कि उनकी यात्रा के दौरान उनकी जासूसी हो रही है और CID और स्पेशल ब्रांच के लोग उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। इस पर संजय झा ने कहा कि नीतीश कुमार ने 19 साल से सरकार चलाई है और कभी भी जासूसी नहीं करवाई। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को ऐसे बयानों से बचना चाहिए।
क्यो कराई गई बिहार में Caste Census?
बिहार में कुछ राजनीतिक दल जातीय जनगणना की मांग कर रहे थे। पार्टियों का कहना था कि जातीय जनगणना होने से राज्य में रहने वाले General, OBC, SC और ST वर्ग के लोगों की सही संख्या पता चल जाएगी। जिससे उन्हें आगे बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं बनाने में आसानी होगी। अगर सही जातीय जनसंख्या का पता होगा तो सरकार, राज्य में उनके मुताबिक प्रभावशाली योजनाएं बनाएगी।
बिहार में कौन-सी जाति में कितने लोग हैं?
आपको बता दें कि, CM नीतीश कुमार ने बिहार में 7 जनरवरी 2023 से जातीय जनगणना का काम शुरू कर दिया था। जातियों की गिनती का काम दो चरणों में पूरा हुआ था। अब अगर जाति गणना की रिपोर्ट की तरफ ध्यान दें तो गणना के मुताबिक हिंदुओं की सबसे ज्यादा आबादी है। बिहार की कुल आबादी 13,07,25,310 है। जिसमें हिंदुओं की आबादी कुल 81.9986 फीसदी है। जिसमें OBC की आबादी 36.01%, SC- 19.65%, और ST- 1.6% है।
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बता दें कि, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन दिनों NDA सरकार को लगातार जातीय जनगणना कराने को लेकर घेर रहे हैं। वहीं राहुल गांधी के सुर में सुर मिलाते हुए अन्य विपक्षी दल भी जातीय जनगणना की बात कह रहे हैं। एक तरफ जहां बीजेपी जातीय जनगणना के मुद्दे पर कुछ भी कहने से बचती है। तो वहीं उसकी सहयोगी पार्टी जदयू के राज्यसभा सांसद के द्वारा जातीय जनगणना के मुद्दे पर दिए गए इस बयना पर बवाल मचना तय है।





