नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। केंद्र सरकार ने बुधवार 18 सितंबर 2024 को One Nation One Election पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि बिल अभी संसद से पास होना बाकी है। संसद से पास होने के बाद यह कानून बन जाएगा और इसी के साथ देश में एक साथ चुनाव कराने के द्वार भी खुल जाएंगे। आइए आपको बताते हैं कि अगर One Nation One Election लागू होता है तो साथ ही सभी विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव 2029 में एकसाथ होंगे तो कौन-कौन से राज्य में इसका प्रभाव पड़ेगा।
22 राज्यों में कराए जाएंगे समय से पहले चुनाव
एक देश एक चुनाव यानी One Nation One Election लागू होने से सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और आंध्र प्रदेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि इन राज्यों में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव पहले से ही एक साथ होते हैं। ऐसे 22 राज्य है जहां One Nation One Election लागू होने के बाद चुनाव एकसाथ कराने होंगे। जिनमें असम, केरल, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, नागालैड़, गोवा, दिल्ली, पुडुचेरी, बिहार, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड शामिल है।
इन पांच राज्यों में होंगे देरी से चुनाव
कुछ ऐसे भी राज्य है जहां One Nation One Election लागू होने के बाद देरी से चुनाव होंगे। इन राज्यों की लिस्ट में मिजोरम, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश शामिल है।
सरकार अपने मौजूदा कार्यकाल में One Nation One Election पारित करेगीः अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय मंत्रिमंडल से मिली मंजूरी के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों को आगे बढ़ाने के लिए एक क्रियान्वयन समूह का गठन किया जाएगा और अगले कुछ महीनों में देश भर के अलग-अलग मंचों पर इसकी चर्चा की जाएगी। अश्विनी वैष्णव ने यह भी बताया कि सरकार अपने मौजूदा कार्यकाल में ही इसे पारित करेगी।
केंद्र सरकार ने एक देश एक चुनाव के फायदे बताने और राजनीतिक दलों को समझाने के लिए अर्जुन राम मेघवाल, राजनाथ सिंह और किरण रिजिजू को जिम्मेदारी देने के साथ 18 सितंबर को इन मंत्रियों की समिति भी बनाई है।





