पाकिस्तान-चीन की नींद होगी हराम! भारतीय सेना के बेड़े में शामिल होंगे 480 ‘विनाशकारी ड्रोन’

भारतीय सेना की ताकत में एक और इजाफा होने जा रहा है। दरअसल, भारत की थल सेना और नेवी के बेड़े में 480 नए ड्रोन शामिल हो रहे हैं ।

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Pakistan China sleepless nights Indian Army 480 'destructive drones
Pakistan China sleepless nights Indian Army 480 'destructive drones

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्क। भारतीय सेना की ताकत में एक और इजाफा होने जा रहा है। दरअसल, भारत की थल सेना और नेवी के बेड़े में 480 नए ड्रोन शामिल हो रहे हैं । इन दोनों ही सेनाओं को ये ड्रोन सीमाओं की सुरक्षा के लिए उपलब्‍ध कराए जा रहे हैं । इस प्रोजेक्ट को नागास्त्र-1 नाम दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस ड्रोन की यह खूबी है कि जीपीएस की मदद से दो मीटर तक किसी भी खतरे का पता लगाने में सक्षम है, जिसके चलते ये दुश्‍मन के किसी भी हमले को बेअसर कर सकता है। इसके अलावा यह ड्रोन 30 मिनट तक हवा में उड़ सकता है। इतना ही नहीं यह ड्रोन जमीन से करीब 4500 मीटर ऊपर भी आसानी से उड़ सकता है।

दुश्मन के ठिकाने में घुसकर उन्हें नष्ट कर देने मे सक्षम है । 

इस संबंध में जानकारी मिली है, हाल ही में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने खुलासा किया कि भारतीय सेना को जल्द ही 26 राफेल जेट और तीन स्कॉर्पिन पनडुब्बियां मिलेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि देश में फिलहाल 62 जहाज और एक पनडुब्बी निर्माणाधीन हैं। अब इन ड्रोन्स की जानकारी से पता चलता है कि देश की सुरक्षा और मजबूत होने जा रही है। ड्रोन के बारे में मेजर जनरल एसके सिंह ने फिलहाल प्रारंभिक जानकारी मीडिया के बीच साझा की है। उन्‍होंने बताया कि ‘नागास्त्र-1’ के तहत आने वाला यह ड्रोन 200 मीटर की ऊंचाई से भी दुश्मन का पता लगा सकता है। उन्होंने कहा कि ड्रोन बारिश, कोहरे जैसे किसी भी मौसम में हमला करने की क्षमता रखता है और स्थान का सटीक वीडियो भी प्रदान करता है। इसकी विशेष खासियत यह है कि यह चुपचाप दुश्मन के ठिकाने में घुसकर उन्हें नष्ट कर देने मे सक्षम है । 

पाकिस्तान की सीमा पर सुरक्षा में मदद करने के लिए सबसे पहले की जाएगी।

आपको बता दें कि नागास्त्र 1 एक फिक्स्ड विंग ड्रोन है, जिसमें विस्फोटक रखे जा सकते हैं और दुश्मन के ठिकानों पर हमला किया जा सकता है। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये आवाज नहीं करते, जिस वजह से दुश्मन के इलाके में घुसने के बाद भी दुश्‍मन अलर्ट मोड पर नहीं आ पाता है, जब तक कोई कुछ समझे भी तब तक उस पर हमला हो जाता है । सुरक्षा से जुड़े सूत्र बता रहे हैं कि इनकी तैनाती चीन और पाकिस्तान की सीमा पर सुरक्षा में मदद करने के लिए सबसे पहले की जाएगी।