नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । लेबनानी समूह हिजबुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम ने इजरायल के खिलाफ बड़ी जीत का दावा किया है। एक टेलीविज़न भाषण में, क़ासिम का यह दावा करना सामने आया है कि हमने लेबनान में हाल के युद्ध में इज़राइल को झुकने के लिए मजबूर कर दिया । कासिम ने कहा कि हिजबुल्लाह के निरंतर प्रतिरोध ने इजरायल को घुटने टेकने और समझौता करने के लिए मजबूर किया है ।
“लेबनान में एक बार फिर इजराइल को हरा दिया”
2006 के बाद से हिजबुल्लाह ने लेबनान में एक बार फिर इजराइल को हरा दिया है। जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, कासिम ने सितंबर में पेजर हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इजरायल को हिजबुल्लाह के कमांड सिस्टम पर हमला करके अपने लक्ष्य हासिल करने की उम्मीद है। हालाँकि, ऐसा नहीं हुआ और हिज़्बुल्लाह ने इज़राइल के घरेलू मोर्चे पर हमले शुरू कर दिए, जिससे इज़राइल रक्षात्मक हो गया और युद्धविराम हो गया।
इजराइल के साथ युद्धविराम का यह समझौता किया
कासिम ने कहा कि हमने अपनी इनिशियेटिव लेते हुए इजराइल के साथ युद्धविराम का यह समझौता किया है। समझौते का मुख्य बिंदु लितानी नदी के नीचे दक्षिणी लेबनान के सभी हिस्सों से इजरायली सेना की वापसी थी। हम इस पर अड़े रहे और इजराइल को इसे स्वीकार करना पड़ा। उसने हिजबुल्लाह को कमजोर करने की योजना बनाई लेकिन उसकी योजना पूरी तरह विफल हो गई है। इसके साथ ही कासिम इस बात का भी दावा करता दिखा कि उनकी जीत 2006 से भी बड़ी है। इज़राइल की हार का एक संकेत हमारे लोगों का आगमन और दूसरी तरफ बसने वालों की अनुपस्थिति है।
संघर्ष विराम व्यवस्था पर चर्चा करते हुए कासिम ने कहा कि समझौते को लागू करने के लिए लेबनानी सेना और हिजबुल्लाह के बीच उच्च स्तरीय समन्वय होगा। कासिम ने इस दौरान लड़ाई जारी रखने के लिए हिजबुल्लाह की सराहना की है ।
इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच पिछले 13 महीनों से विवाद
गौरतलब है कि इस सप्ताह इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष विराम समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। अमेरिका की मध्यस्थता में हुए समझौते के मुताबिक, इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान से हट जाएगी और हिजबुल्लाह भी वहां से हट जाएगा। इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच पिछले 13 महीनों से विवाद चल रहा है। पिछले दो महीनों में तनाव तब और बढ़ गया, जब इजराइल ने लेबनान पर बमबारी शुरू कर दी इससे जान-माल की भारी हानि हुई है।




