back to top
20.1 C
New Delhi
Monday, March 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

5वीं बार रूस के राष्ट्रपति बने व्लादिमिर पुतिन, बोले- पश्चिमी देशों के साथ बातचीत के लिए हैं तैयार

रूसी संविधान के मुताबिक कोई भी व्यक्ति लगातार दो बार से ज्यादा राष्ट्रपति नहीं बन सकता है। 2008 में पुतिन प्रधानमंत्री बने। जिसके बाद 2008 में संविधान में संशोधन किया गया और कार्यकाल 4 से 6 साल किया।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। व्लादिमीर पुतिन 5वीं बार रूस के राष्ट्रपति बन गए हैं। मॉस्को के ग्रैंड क्रेमलिन पैलेस में पुतिन ने शपथ ली। शपथ के बाद पुतिन ने कहा कि हम और मजबूत बनेंगे। हम उन देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करेंगे जो हमें अपना दुश्मन समझते हैं। मैं जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए हर संभव कोशिश करूंगा। रूस में 15-17 मार्च को हुए चुनाव में पुतिन को 88 फीसद वोट मिले थे। जबकि उनके विरोधी, निकोले खारितोनोव को सिर्फ 4 फीसद वोट मिले थे।

2000 में पहली बार बने राष्ट्रपति

पुतिन ने इससे पहले साल 2000 में पहली बार राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। इसके बाद से 2004, 2012 और 2018 में भी वे राष्ट्रपति बन चुके हैं। शपथ के बाद अपनी स्पीच में पुतिन ने कहा कि हम पश्चिमी देशों के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। लेकिन यह उन पर निर्भर करता है कि वे हमसे बातचीत करना चाहते हैं या नहीं। आजादी और एकता बनाए रखने के लिए रूस का सोशल-पॉलिटिकल सिस्टम लचीला होना चाहिए। हमें हर वक्त किसी भी चुनौती या खतरे के लिए तैनात रहना होगा।

शपथ ग्रहण में कौन-कौन शामिल हुआ

शपथ ग्रहण समारोह में रूस की फेडरेल काउंसिल के सदस्य, स्टेट डूमा के सदस्य, हाईकोर्ट के जज, अलग-अलग देशों के राजदूत और डिप्लोमैटिक कॉर्प्स शामिल हुए। 2018 में पुतिन के चौथे शपथ ग्रहण में जर्मनी के पूर्व चांसलर जेरहार्ड श्रोडर समेत करीब 6 हजार लोग मौजूद रहे थे। इसका लाइव टेलीकास्ट भी किया गया था।

2036 तक रूस के राष्ट्रपति रह सकते हैं पुतिन

रूसी संविधान के मुताबिक कोई भी व्यक्ति लगातार दो बार से ज्यादा राष्ट्रपति नहीं बन सकता है। इसके चलते 8 मई 2008 को पुतिन ने प्रधानमंत्री रह चुके दिमित्री मेदवेदेव को रूस का राष्ट्रपति बनवाया और खुद प्रधानमंत्री बन गए थे। नवंबर 2008 में दिमित्री ने संविधान संशोधन कर राष्ट्रपति का कार्यकाल 4 से बढ़ाकर 6 साल कर दिया। इसके बाद 2012 में पुतिन फिर से रूस के राष्ट्रपति बने। उन्होंने लगातार राष्ट्रवाद को बढ़ावा दिया और देश की जनता को सोवियत यूनियन वाला रसूख वापस दिलाने के सपने दिखाए। 2014 में पुतिन ने क्रीमिया पर हमला कर उसे रूस के कब्जा में कर लिया। जनवरी 2020 में पुतिन ने संविधान संशोधन के जरिए दो टर्म तक राष्ट्रपति रहने की सीमा खत्म कर दी। इसे सही साबित करने के लिए रूस में जनमत संग्रह भी करवाया गया।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

सियासी हलचल तेज: MP-MLA कोर्ट से इजाजत मिलने के बाद अनंत सिंह कल बनेंगे विधायक

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 2025 के विधानसभा चुनाव में मोकामा सीट से जीत दर्ज करने वाले विधायक अनंत सिंह मंगलवार, 03 फरवरी 2026 को सुबह...
spot_img

Latest Stories

Amitabh Bachchan ने सोशल मीडिया पर किया ऐसा ट्वीट, फैंस में मचा तहलका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल...

बंगाल से राज्यसभा की दौड़ में नई एंट्री, ममता बनर्जी ने किया नॉमिनेट, आखिर कौन हैं कोयल मल्लिक?

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की...

The Kerala Story 2 Day 1 Collection: कंट्रोवर्सी के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत ओपनिंग

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोर्ट केस और सियासी विवादों के...

तेहरान समेत ईरान के कई इलाकों में विस्फोट, इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अंतरराष्ट्रीय माहौल आज 28 फरवरी 2026...