नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। मंगलवार को राष्टपति पद की डिबेट के दौरान एक उल्लेखनीय क्षण में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व प्रधानमंत्री डोनाल्ड ट्रम्प ने हाथ मिलाया, जो कैंपेन में उनकी पहली आमने सामने की मुलाकात थी। डिबेट शुरू होते ही दोनो उम्मीदवार स्टेज पर आए, जो उनकी पहली सीधी मुलाकात थी। शुरुआत में ट्रम्प हैरिस को बिना पहचाने अपने पोडियम पर गए। वहीं विनम्रता के साथ हैरिस ने भी अपना रास्ता बदलते हुए ट्रम्प से मिलने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया।
हैरिस और ट्रम्प के लिए खास थी डिबेट
दरअसल कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रम्प पहली बार आमने-सामने इस डिबेट के दौरान नजर आए, जो नवंबर के राष्ट्रपति पद के लिए हो रही थी। साथ ही दोनों उम्मीदवारों के लिए यह एक ऐसा मौका था जहां दोनों अपने पक्ष की बात रख सकते थे। इस मुलाकात ने अमेरिकियों को जून में हुई आखिरी बहस के बाद से अभियान में आए महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में स्पष्ट जानकारी दी। जिसमें राष्ट्रपति जो बिडेन ने अपना नाम वापस ले लिया था।
हैरिस ने ट्रम्प को रूढ़िवादी बताया
बहस के दौरान हैरिस ने ट्रम्प पर निशाना साधते हुए ट्रम्प को रूढ़िवादी बताया। जिसे उन्होंने रूढ़िवादी प्रोजेक्ट 2025 एजेंडे और गर्भपात तक पहुंच को प्रतिबंधित करने के GOP प्रयासों से जोड़ा। इसके साथ ही कमला ने ट्रम्प द्वारा दिए गए भड़काऊ बयानों की आलोचना की। बहस धीरे-धीरे गरमागरम होती चली गई। ट्रम्प ने गर्भपात के मुद्दे को डिफेंड करते हुए कहा कि उन्होंने अबॉर्शन पर 6 सप्ताह के बैन को सपोर्ट किया। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अबॉर्शन पर उनकी पार्टी डेमोक्रेट्स की नीतियां वही पुरानी रही हैं।
ट्रम्प महिलाओं को न बताएं की उन्हें अपनी बॉडी के साथ क्या करना करना चाहिएः कमला हैरिस
अबॉर्शन के मुद्दे पर हैरिस ने कहा कि ट्रम्प ने ट्रम्प महिलाओं को मत बताएं की उन्हें अपनी बॉडी के साथ क्या करना करना चाहिए। आगे हैरिस कहती है कि ट्रम्प अगर चुनाव में जीतते हैं तो वे पूरे देश के गर्भपात पर रोक लगाने वाले बिल पर साइन कर देंगे। हैरिस का कहना है कि सरकार को कुछ आजादी वाले मुद्दे जैसे शरीर से जुड़े फैसले लेने की आजादी के नियम सरकार को नहीं बनाने चाहिए। खासकर ट्रम्प भी ऐसे नियम न ही बनाए और न ही इसको बढ़ावा दें। इसपर ट्रम्प खुद को डिफेंड करके कहते हैं कि वह झूठ बोल रही हैं। मैं कोई बैन साइन नहीं कर रहा हूं और न ही यह सब करने की जरुरत है।
हैरिस ने ‘रो वी वेड नियम’ को लाने करने के लिए अपनी पॉलिसी को स्पष्ट शब्दों में समझाया
हैरिस ने ‘रो वी वेड नियम’ को बहाल करने के लिए अपनी पॉलिसी को स्पष्ट शब्दों में समझाया। दरअसल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एतिहासिक रो बनाम वेड फैसले द्वारा स्थापित गर्भपात को संवैधानिक अधिकार को 2022 में समाप्त कर दिया था। मगर 1973 के इस फैसले ने पूरे देश में गर्भपात को वैध बनाया हुआ था।
कमला ने बताया कि 20 से अधिक राज्यों में ट्रम्प की नीतियों से प्रभावित गर्भपात वाले कानून लागू हैं जिसकी वजह से अबॉर्शन पर बैन हैं। इसकी वजह से डॉक्टर या नर्स द्वारा अबॉर्शन से जुड़े मामलों में स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना अपराध बनाता है। एक राज्य में तो इसके लिए आजीवन कारावास का प्रावधान भी है।





