नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के चुनाव की रेस से बाहर होने के बाद भारतीय मूल की कमला हैरिस डैमोक्रैटिक पार्टी की उम्मीदवार होंगी। सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर बाइडेन ने ट्वीट कर लिखा है कि वो रिइलेक्शन की प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे। साथ ही उन्होंने पोस्ट के लिए कमला हैरिस का समर्थन भी किया है।
बाइडन द्वारा समर्थन पाकर सम्मानित महसूस कर रही हूं-कमला हैरिस
बाइडेन की इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कमला ने लिखा है कि वो राष्ट्रपति के समर्थन को पाकर सम्मानित महसूस कर रही हैं और उनका इरादा इस चुनाव को जीतने का है।
जानिए आखिर कौन हैं भारतीय मूल की कमला हैरिस
कमला हैरिस का जन्म कैलिफोर्निया में तमिल बायोलॉजिस्ट श्यामा गोपालन के घर हुआ।उनके पिती जमैकन-अमेरिकी डोनाल्ड जे हैरिस प्रोफेसर थे। माता-पिता के अलग हो जाने के बाद कमला अपनी मां और बहन के साथ रहनी लगीं। उन्होंने ग्रैजुएशन की पढ़ाई हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से की है। उन्होंने ग्रैजुएशन में पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स की पढ़ाई करने के बाद लॉ की पढ़ाई करी और 1990 में बार एसोसिएशन की सदस्य बन गईं। इसी साल उन्होंने अपनी करियर की शुरुआत डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के रूप में की। उन्हें सैन फ्रांसिस्को का डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी बनाया गया। इसके बाद कमला ने 2010 और 2014 में कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल के रूप में काम किया। इसके बाद 2017 में वो यूस सीनेटर के पद पर आसीन हुईं।
सीनेट में काम करने वाली पहली साउथ-एशियन महिला और दूसरी अमेरिकी-अफ्रीकी महिला बनी
कमला सीनेट में काम करने वाली पहली साउथ-एशियन महिला और दूसरी अमेरिकी-अफ्रीकी महिला बनीं। साल 2020 में उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव लड़ा था लेकिन जो बाइडेन के आने के बाद रेस से बाहर हुईं और बाद में उपराष्ट्रपति बनीं। इन चुनावों में अगर कमला की जीत हुई तो वो राष्ट्रपति बनने वाली भारतीय मूल की पहली महिला होंगी।
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