नई दिल्ली, हि.स.। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार को बिना देरी किए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करवानी चाहिए। चौधरी ने सोमवार को संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हम बिहार और पश्चिम बंगाल पर भी चर्चा करने के लिए तैयार हैं। लेकिन, सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा जल्द कराए। चौधरी ने कहा कि विपक्षी दलों के सांसद मणिपुर का दौरा कर वापस आए हैं। अब चाहिए कि सत्ता पक्ष के सांसद भी मणिपुर का दौरा करें और हालात का जायजा लें।
मणिपुर मामले में विपक्ष एकजुट
उल्लेखनीय है कि विपक्ष संसद में मणिपुर मुद्दे पर चर्चा के लिए एकजुट है। इंडिया घटक दलों की मांग है कि प्रधानमंत्री मोदी सदन में मणिपुर मुद्दे पर जवाब दें। इंडिया घटक दलों के जो सांसद मणिपुर के दौरे पर गए थे उन्होंने आज संसद भवन परिसर में बैठक की और इंडिया गठबंधन के पार्टी नेताओं को वहां के हालात के बारे में जानकारी दी। उसके बाद सभी दलों ने पुन: सदन में मणिपुर पर चर्चा की मांग की।
संसद में आगे की रणनीति पर किया विचार
इधर, मणिपुर के हालात का जायजा लेकर वहां से लौटे विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए के प्रतिनिधिमंडल में शामिल सांसद आज गठबंधन के घटक दलों के सदन के नेताओं के साथ बैठक की और उन्हें हालात की जानकारी दी। बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मौजूद रहे । बैठक में संसद से जुड़ी आगे की रणनीति पर भी विचार किया गया।
21 सांसदों ने की थी मणिपुर की यात्रा
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बताया कि मणिपुर की स्थिति काफी गंभीर है। हम केवल चर्चा चाहते हैं। भाजपा गठबंधन को भी मणिपुर की यात्रा करनी चाहिए। हम सभी को वहां की परिस्थितियों की जानकारी लेनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि विपक्षी गठबंधन की ओर से 21 सांसदों ने मणिपुर की यात्रा की थी। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ राज्यपाल से भी मुलाकात की थी। इधर, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सत्ता पक्ष के सांसदों ने सदन में बोलने नहीं दिया। जब वह बोलने के लिए खड़े हुए तो सत्ता पक्ष के सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया।
भाजपा सांसदों को उकसाया
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि आज दोपहर राज्यसभा में बेहद असाधारण घटना हुई। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सभापति ने बोलने की अनुमति दी। वह अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे थे। तभी उन्हें बोलने से रोकने के लिए सभी भाजपा सांसदों को उकसाया गया। वह कोशिश करते रहे लेकिन सत्ता पक्ष द्वारा किए गए हंगामे में उनकी आवाज दब गई। फिर सदन को स्थगित कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि खड़गे ने सभापति से नियम 267 के तहत मणिपुर मुद्दे पर चर्चा की मांग की है। उन्होंने आज सदन में कहा कि विपक्षी दलों का संगठन इंडिया चाहता है कि प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर मुद्दे पर संसद में जवाब दें।
मणिपुर मुद्दे पर सोमवार को भी संसद में रहा व्यवधान
बता दें कि संसद में सोमवार को भी मणिपुर मुद्दे पर हंगामे के चलते व्यवधान रहा। इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में आज नेता सदन पीयूष गोयल ने दोपहर दो बजे मणिपुर मुद्दे पर चर्चा कराने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष मणिपुर पर चर्चा से भाग रहा है। उन्होंने कहा कि चोर की दाढ़ी में तिनका है। विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। इसी बीच सभापति जगदीप धनखड़ कहा कि उन्हें मणिपुर पर चर्चा का नोटिस मिला था। उन्होंने नेता सदन से बातचीत करके इसके लिए समय तय कर दिया है। क्या विपक्ष भी चर्चा के लिए तैयार है। वहीं नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वह नियम 267 के तहत ही चर्चा कराना चाहते है। हंगामे को बढ़ता देख कार्यवाही को 12 बजे तक स्थगित कर दिया। 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरु होने पर दोबारा हंगामा जारी रहा।





