दिल्ली, एजेंसी। भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठनमंत्री शिव प्रकाश ने बताया कि देश में राष्ट्रवाद, गरीब कल्याण, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण, पारदर्शिता का आचरण करते हुए कांग्रेस के सम्मुख विकल्प प्रस्तुत करने के लिए डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई। भारतीय राजनीति के मूर्धन्य विद्वान पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा ‘एकात्म मानववाद’ का वैचारिक आधार देकर जिसको पोषित करने का कार्य किया। अपने जन्म से सतत वृद्धि की ओर अग्रसर लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपातकाल के समय जनता पार्टी में विलीन हो गया।
भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 18 करोड़ सदस्यता वाली विश्व की सबसे बड़ी पार्टी
6 अप्रैल, 1980 को मुंबई सागर तट पर अटल गर्जना के साथ ‘अँधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा’ के संकल्प के साथ भारतीय राजनीतिक क्षितिज पर नई पार्टी भारतीय जनता पार्टी के नाम से नए दल के रूप में प्रकट हुई। जिसका नेतृत्व भारतीय राजनीति के सूर्य भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी ने किया। आज वही भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 18 करोड़ सदस्यता वाली विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। देश के अनेक राज्यों में सरकार एवं केंद्र में भारत का नेतृत्व कर रही है। अपने राष्ट्रवादी विचार, गरीब के कल्याण की नीति, प्रखर एवं प्रमाणिक नेतृत्व के कारण देश के लिए वरदान सिद्ध हुई है।
राष्ट्रीय एकात्मता को पुष्ट करने का विचार भाजपा ने अपने जन्म काल से रखा
उन्होंने बताया कि राजनीति के माध्यम से राष्ट्रवाद की स्थापना करते हुए राष्ट्रीय एकात्मता को पुष्ट करने का विचार भाजपा ने अपने जन्म काल से रखा। बूथ से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन तक लोकतंत्र का पालन करते हुए देश में लोकतंत्र का रक्षण भारतीय जनता पार्टी का संकल्प बना। समाज में बिना किसी भेदभाव के विकेंद्रित अर्थव्यवस्था का पालन करते हुए गरीब का उत्थान यही लक्ष्य है बिना किसी भेदभाव अपनी-अपनी पूजा पद्धतियों का पालन करते हुए देश के विकास में सभी का सहयोग एवं देश प्रथम सिद्धांत का पालन करते शुद्ध आचरण से देशवासियों की सेवा भाजपा का लक्ष्य बना।
स्वदेशी, सादगी, विकेंद्रित अर्थव्यवस्था से हम अपनी आर्थिक उन्नति करें
गांधी जी अपने आर्थिक चिंतन में देश का विकास स्वदेशी एवं विकेंद्रित अर्थव्यवस्था के आधार पर चाहते थे। ग्राम पंचायत चुनने स्वराज का आधार था। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने सरकारों की सफलता का आधार गरीब कल्याण (अंत्योदय) को माना। स्वदेशी, सादगी, विकेंद्रित अर्थव्यवस्था से हम अपनी आर्थिक उन्नति करें यह विचार उन्होंने दिया। किसान के खेत को पानी, रोजगार यह उनकी अर्थव्यवस्था के आधार थे। ‘उत्पादन में वृद्धि खर्च में संयम’ का सिद्धांत उन्होंने दिया।
प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के द्वारा संचालित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज योजना, नदियों को जोड़ने का प्रकल्प एवं सर्व शिक्षा अभियान गरीब उत्थान एवं देश के ढांचागत विकास के अनुकरणीय उदाहरण है। उसी परंपरा में बहुगुणित वृद्धि करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गरीब कल्याण की अनेक योजनाएं, क्रियान्वयन में तकनीकी उपयोग, कृषि सिंचाई योजना एवं आत्मनिर्भरता का मंत्र गांधी जी एवं दीनदयाल जी के कल्पनाओं का साकार रूप है। जिसमें गरीब का विश्वास अर्जित करते हुए देश आर्थिक क्षेत्र में तीव्र गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है।




