नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में कल यानी 24 नवंबर की सुबह मुगल शासकों के समय से स्थित जामा मस्जिद का सर्वेक्षण शुरू हुआ। यह सर्वेक्षण कोर्ट के आदेश पर किया जा रहा था जिसके बाद स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हो गई। हिंसा में 4 लोग मारे गए और 30 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए।
असदुद्दीन ओवैसी ने दिया स्थगन प्रस्ताव नोटिस
संभल मामले से संबंधित असदुद्दीन ओवैसी ने आज से शुरु हो रहे संसद सत्र में चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है। कांग्रेस पार्टी भी इस मामले पर चर्चा कराना चाहती हैं वही असदुद्दीन ओवैसी का साथ दे रही हैं।
सर्वेक्षण का कारण और विवाद
मस्जिद के स्थान पर कभी हिंदू मंदिर होने का दावा किया गया है जिसके कारण यह विवाद का विषय बन गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मुगल सम्राट बाबर ने 1529 में यहां पर स्थित मंदिर को नष्ट किया था और इसी आधार पर सर्वेक्षण हो रहा है। कुछ लोग इसे ऐतिहासिक तथ्यों को उजागर करने का कदम मानते हैं जबकि आलोचक इसे धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश मानते हैं।
हिंसा का कारण और पुलिस की कार्रवाई
सर्वेक्षण के दौरान एक हजार से अधिक लोग जमा हो गए और उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके। भीड़ ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने स्थिति काबू करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और हल्का बल प्रयोग किया।
अखिलेश यादव का बयान, कहा- सरकार की साजिश
इस घटना के बाद राजनीतिक पार्टियों ने विरोध किया। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे सरकार की साजिश बताया। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर घटना की वीडियों शेयर किया है और लोगों से कहा हैं कि इंसाफ की उम्मीद न छोड़े।
इमरान प्रतापगढ़ी ने पुलिस पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों द्वारा किए गए फायरिंग की वीडियो पोस्ट किया है। वीडियों में डीआजी रेंज मुनिराज के साथ और भी पुलिस कर्मी पिस्टल से फायरिंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं संभल पुलिस फायरिंग से इनकार कर रही है। हालांकि वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टी नहीं की जा सकती।
अधिकारियों का बयान
मुरादाबाद के पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस मामले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सर्वेक्षण दल ने कोर्ट के आदेश के अनुसार वीडियो और फोटो के साथ जांच पूरी की है और रिपोर्ट 29 नवंबर तक पेश की जाएगी।





