नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । उत्तर प्रदेश के संभल में रविवार को मुगलकालीन शाही जामा मस्जिद के दूसरे सर्वेक्षण के दौरान तनाव फैल गया, जिसके बारे में दावा किया जाता है कि यह मस्जिद एक प्राचीन हिंदू मंदिर स्थल पर बनी है, जिसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा पथराव किए जाने के बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और बल का प्रयोग करना पड़ा। इस मामले में 3 लोगों के मारे जाने और 20 के घायल होने की खबर है।
एक अधिकारी ने नाम नही बताने पर कहा- कि हिंसा के संबंध में दस लोगों को हिरासत में लिया गया है, जांच शुरू की गई है, उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने सड़क किनारे खड़ी कुछ मोटरसाइकिलों में आग लगाने की भी कोशिश की।
याचिका में दावा करने बाद भीड़ को उकसाया गया
पिछले मंगलवार को स्थानीय अदालत के निर्देश पर जामा मस्जिद का सर्वेक्षण किए जाने के बाद हाल के दिनों में संभल में तनाव बढ़ रहा है, क्योंकि एक याचिका में दावा किया गया था कि इस स्थल पर कभी हरिहर मंदिर हुआ करता था। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, विवादित स्थल की अदालत द्वारा आदेशित जांच के तहत “एडवोकेट कमिश्नर” द्वारा दूसरा सर्वेक्षण सुबह करीब 7 बजे शुरू हुआ और वहां भीड़ जमा होने लगी।
स्थिति को लेकर यूपी पुलिस प्रमुख ने क्या कहा
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया, सर्वे के दौरान लोगों की भीड़ बढ़ने लगी उसी समय भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने प्रशासन पर हमला कर दिया । पुलिस ने मौजूदा माहौल का अपने पक्ष में करने की कोशिश में हल्का बल का इस्तेमाल किया और भीड़ को तीतर बीतर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे गए । एसपी ने आगे कहा- कि पथराव करने वालों और उन्हें उकसाने वालों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट राजेंद्र पेसिया ने कहा, “कुछ उपद्रवियों ने पथराव किया, लेकिन स्थिति अब शांतिपूर्ण है और सर्वेक्षण चल रहा है।” उन्होंने कहा, “पथराव की घटना के सिलसिले में करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रमुख प्रशांत कुमार ने आगे बताया कि संभल में स्थिति नियंत्रण में है। सभी पुलिस और नागरिक प्रशासन के अधिकारी मौके पर स्थिति को संभाल रहे हैं। वे उन इलाकों में गश्त कर रहे हैं।
असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी
असामाजिक तत्वों की जल्द ही पहचान कर ली जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” संभल में सर्वेक्षण स्थल के पास कथित तौर पर पुलिस पर पथराव करते युवाओं के वीडियो ऑनलाइन सामने आए हैं। मामले में याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा था कि सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत ने मस्जिद का सर्वेक्षण करने के लिए एक “एडवोकेट कमीशन” के गठन का आदेश दिया है। उन्होंने कहा था कि अदालत ने कहा है कि आयोग के माध्यम से वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी सर्वेक्षण करने के बाद एक रिपोर्ट दाखिल की जानी चाहिए। जैन ने पिछले मंगलवार को कहा था कि मस्जिद से संबंधित याचिका में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार, मस्जिद समिति और संभल के जिला मजिस्ट्रेट को पक्ष बनाया गया है।
हिंदू पक्ष के स्थानीय वकील गोपाल शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि अदालत में दायर अपनी याचिका में उन्होंने उल्लेख किया है कि “बाबरनामा” और “आइन-ए-अकबरी” ने पुष्टि की है कि उस स्थान पर एक हरिहर मंदिर था जहां अब जामा मस्जिद है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मंदिर को मुगल सम्राट बाबर ने 1529 में ध्वस्त कर दिया था।





