नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके वियतनामी समकक्ष फाम मिन्ह चीन्ह के बीच गुरुवार को हैदराबाद हाउस में मुलाकात हुई। दोनों ने दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने और रणनीतिक साझेदारी को लेकर बात होगी।
प्रधानमंत्री ने गर्मजोशी से किया स्वागत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने एक्स पर किए गए पोस्ट में कहा कि वियतनाम और भारत की साझेदारी को नई ऊंचाई पर लेकर जाने को लेकर प्रधानमंत्री ने वियतनामी समकक्ष का स्वागत किया। इससे पहले फाम मिन्ह चीन्ह ने राजघाट पर जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। चीन्ह भारत के तीन दिवसीय दौरे पर 30 जुलाई को आए थे। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन में वियतनामी समकक्ष को गले लगाकर स्वागत किया था।
विदेश मंत्री से की फोन पर बात
इससे पहले बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फाम मिन्ह चीन्ह से फोन पर बात की थी। इस दौरान चीन्ह ने भारत में उनके स्वागत को लेकर आभार जताया।
बेहतरीन स्वागत के लिए किया धन्यवाद
उन्होंने कहा कि वो भारत में उनकी यात्रा को लेकर किए गए प्रबंधों के लिए आभार जताते हैं। साथ ही उन्होंने दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों को भी धन्यवाद दिया।
भारत- वियतनाम के बीच निवेश करने का आमंत्रण
वियतनाम-भारत व्यापार मंच में अपने संबोधन के दौरान वियतनामी प्रधानमंत्री चीन्ह ने भारतीय व्यवसायों को वियतनाम में और अधिक निवेश करने के लिए आमंत्रण दिया। इसमें विशेष रूप से सेमीकंडक्टर, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, डिजिटल परिवर्तन, हरित हाइड्रोजन, फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा और जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि उनका देश वर्तमान में अपनी 33 प्रतिशत फार्मास्यूटिकल्स भारत से खरीदता है। वहीं, लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा में मदद करने के लिए वियतनाम में एक उचित फार्मास्यूटिकल पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने की इच्छा जताई।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भारत और वियतनाम के बीच1994 में रक्षा सहयोग के लिए एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। जुलाई 2007 में तत्कालीन वियतनामी प्रधानमंत्री गुयेन तान डुंग की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाया गया था।
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