नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क ।
कंगाल पाकिस्तान दर-दर का ठोकरें खाने पर मजबूर हो गया है. वहां की आवाम दो वक्त के खाने का मोहताज हो गई है। 20 करोड़ की आबादी वाले देश भूख और गरीबी के साये में जी रहा है। यहां कि सरकार को अपने आवाम की कोई चिंता नहीं है। वे बस अपने स्वार्थ के लिए लोगों का इस्तेमाल करते है।
वहां लोग दाने-दाने को मोहताज हो गए है. खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं. हालात ये है कि लोग खाने के लिए आपसे में भीड़ जा रहे हैं. वहां पर लोगों की जिंदगी का कोई मूल्य नहीं है. पाकिस्तान में आटे की कीमत 250 रुपये तक पहुंच गई है. वहीं प्याज 180, टमाटर 140 रुपये पर पहुंच गया है।
बता दें कि पाकिस्तान अपनी इकोनॉमी को बचाने के लिए बाजार शाम को जल्द बंद करने को बोला जाता है। इससे पाकिस्तान के अर्थव्यवस्था में थोड़ा बहुत सुधार आ सके.वहां रात 8 बजे के बाद बिजली कट कर दी जाती है. लोगों को कम चाय पीने की सलाह दी जा रही है. पुराने पंखे ओर बल्ब के बनाने पर रोक लगा दी गई है। पाकिस्तान अपने जुगाड़ के रास्ते पर कितने समय पर अमल कर पाता है यह देखने वाली बात होगी.
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आटे की कीमत 140 रु के पार
सिंध में आटे की डिमांड ज्यादा और सप्लाई बेहद कम है। सिंध और कराची में आटे की दामों में 140 से 160 रुपए प्रति किलोग्राम है। सब्सिडी रेट पर आटा 65 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। हालत इतनी खराब है कि लोग 5-5 किलो की बोरी के लिए भी लड़ रहे हैं।
यहां लोग आटे के लिए ऐसी सरकारी दुकानों को तलाश रहे हैं, जहां आटे का पैकेट 1200 से 1300 रुपए में मिलता हो। दरअसल, खुले बाजार में 20 किलो आटे के पैकेट की कीमत 3100 रुपए तक पहुंच गई है। एक साल पहले इसकी कीमत 1200 रुपए थी।
सरकार के खिलाफ लोगों का प्रदर्शन
आटे की बढ़ती कीमतों की वजह से कई इलाकों में लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। गिलगित-बाल्टिस्तान में महंगाई, बेरोजगारी से परेशान जनता सरकार पर भेदभाव के आरोप लगा रही है। लोगों का कहना है कि इस इलाके में इमरान खान की पार्टी PTI सत्ता में है, इसलिए सत्ताधारी शहबाज शरीफ की सरकार जानबूझकर सामान की आपूर्ति नहीं होने दे रही है।
पाकिस्तान में गैस सिलेंडर खरीदना भी हुआ मुश्किल
पाकिस्तान में खाना पकाने के लिए सिलेंडर की जगह प्लास्टिक थैलियों में भरी गैस के इस्तेमाल का चलन बढ़ गया है। गैस पाइपलाइन नेटवर्क से जुड़ी दुकानों में थैलियों के अंदर गैस भरकर बेची जा रही है। लोग छोटे इलेक्ट्रिक सक्शन पंप की मदद से इसका इस्तेमाल रसोई में कर रहे हैं।




