नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हरियाणा के पलवल जिले से एक बड़ा खुलासा हुआ है। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पुलिस ने हथीन उपमंडल के कोट गांव निवासी यूट्यूबर वसीम को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वसीम बीते चार वर्षों से पाकिस्तान दूतावास में कार्यरत अधिकारियों के संपर्क में था और भारत की संवेदनशील सूचनाएं साझा कर रहा था। इससे पहले देशद्रोह के एक मामले में पकड़े गए तौफीक से पूछताछ के बाद वसीम की भूमिका सामने आई।
यूट्यूब चैनल की आड़ में देशविरोधी गतिविधि
वसीम एक यूट्यूब चैनल चलाता था और साथ ही अपने पिता के निजी अस्पताल में काम करता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वसीम 2021 में पाकिस्तान वीजा के लिए दिल्ली स्थित दूतावास गया था, जहां उसकी मुलाकात पाकिस्तानी अधिकारियों – दानिश और एक अन्य कर्मचारी से हुई। इसके बाद से वह उनके लगातार संपर्क में था।
व्हाट्सएप के जरिए चलता था खुफिया खेल
वसीम के मोबाइल से पुलिस को कई संदिग्ध व्हाट्सएप चैट्स मिली हैं, जिसमें पाक अधिकारियों से संवाद के संकेत हैं। हालांकि, कई चैट्स को उसने जानबूझकर डिलीट कर दिया था। अब साइबर क्राइम एक्सपर्ट्स की मदद से डिलीटेड डाटा रिकवर किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने पाकिस्तान को कौन-कौन सी गोपनीय जानकारियां भेजीं।
दिल्ली में सिम कार्ड सौंपने का भी आरोप
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वसीम ने दिल्ली में पाकिस्तानी अधिकारियों को एक भारतीय सिम कार्ड भी मुहैया कराया, जो कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से बेहद गंभीर मामला है। इस पहलू की गहराई से जांच की जा रही है।
परिजन बोले– वसीम कभी पाकिस्तान नहीं गया
हालांकि वसीम के परिजनों का कहना है कि वह कभी पाकिस्तान नहीं गया और न ही किसी राष्ट्रविरोधी गतिविधि में शामिल रहा है। पर पुलिस के पास दूतावास संपर्क और फोन चैट्स जैसे पुख्ता डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं, जो उसकी संलिप्तता की ओर इशारा कर रहे हैं।
देशद्रोह के केस में नाम हुआ शामिल
पलवल पुलिस ने वसीम का नाम पहले से दर्ज देशद्रोह के मामले में शामिल कर दिया है, जिसमें तौफीक नामक युवक पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। वसीम को कोर्ट से पुलिस रिमांड पर लिया गया है और पूछताछ जारी है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
जांच अधिकारी बोले– बड़े नेटवर्क की हो सकती है कड़ी
पलवल सीआईए प्रभारी PSI दीपक गुलिया के अनुसार, वसीम की गिरफ्तारी से यह संकेत मिलते हैं कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है कि क्या उसके पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का हाथ है।





