नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार की तैयारी अब तेज होती दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक सरकार इस अहम बिल को पास कराने के लिए विशेष रणनीति बना रही है। इसके लिए संसद सत्र बढ़ाने या अलग से सत्र बुलाने पर विचार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, अभी चल रहे संसद सत्र में इस बिल को पेश नहीं किया जाएगा। वर्तमान सत्र 2 अप्रैल तक निर्धारित है, लेकिन इस दौरान महिला आरक्षण संशोधन बिल लाने की संभावना कम है।
सत्र स्थगित करने की तैयारी
बताया जा रहा है कि सरकार 2 अप्रैल को सत्र को पूरी तरह खत्म करने के बजाय स्थगित कर सकती है। इसका मकसद आगे की रणनीति के लिए समय जुटाना है, ताकि बिल को सही तरीके से पेश और पास कराया जा सके।
अप्रैल में फिर बुलाया जा सकता है संसद
सूत्रों के अनुसार, अप्रैल के दूसरे या तीसरे सप्ताह में संसद को 1-2 दिन के लिए फिर बुलाया जा सकता है। इस विशेष सत्र का मुख्य एजेंडा महिला आरक्षण बिल को पास कराना हो सकता है।
विपक्ष ने की सर्वदलीय बैठक की मांग
विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर सक्रिय हो गए हैं। Mallikarjun Kharge के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। कांग्रेस समेत कई दलों ने Kiren Rijiju को पत्र लिखकर इस विषय पर चर्चा की जरूरत बताई है। विपक्ष का कहना है कि चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के चुनाव के बाद इस मुद्दे पर सभी दलों को साथ बैठकर फैसला लेना चाहिए।
सरकार की मंशा पर उठे सवाल
कांग्रेस सांसद Ranjeet Ranjan ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा लंबे समय से लंबित है और इसे लागू करने में देरी हो रही है। उनका आरोप है कि सरकार पहले परिसीमन और फिर चुनाव की बात कर रही है, जिससे प्रक्रिया और लंबी हो सकती है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि पूरा विपक्ष इस बिल का समर्थन करता है।




