नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टेकऑफ के समय एयर इंडिया का एक यात्री विमान दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। हादसे के बाद विमान में आग की बड़ी-बड़ी लपटें उठीं और धुएं का गुबार देखा गया। ये तस्वीरें डराने वाली हैं। इस यात्री विमान में 242 लोग सवार थे। मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट में हुआ है।
रनवे से टेकऑफ करने के बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। खबर है कि यह प्लेन हादसा टेकऑफ के दौरान हुआ है। एयरपोर्ट की बाउंड्री के बाहर मेडिकल कॉलेज की एक इमारत में जा घुसा। जहां विमान पूरा ही आग के चपेट में आकर राख हो गया। विमान में सवार 241 लोगों की मौत हो गई। आइए जान लेते हैं कि आखिर टेकऑफ के दौरान इस तरह के हादसे ज्यादा क्यों होते हैं।
टेकऑफ करने का समय सबसे क्रिटिकल
प्लेन के टेकऑफ के दौरान के समय को सबसे क्रिटिकल वक्त माना जाता है। आंकड़ों पर नजर डाले तो दुनिया में जितने भी प्लेन हादसे होते हैं उसका करीब 35 प्रतिशत टेकऑफ या उसके ठीक बाद में होता है। जबकि उड़ान भरने के बाद यह दर कम हुई है। टेकऑफ के वक्त विमान ग्राउंड से तेज रफ्तार पकड़ता है। इस वक्त पायलट को रवने, इंजन, मौसम और विमान के सिस्टम पर सबसे ज्यादा नजर रखनी होती है, क्योंकि इन पर सबसे ज्यादा प्रेशर होता है।
इंजन का फेल होना
टेकऑफ के समय इंजन अपनी अधिकतम पावर पर होता है। ऐसे में इंजन में किसी भी तरह की तकनीकी खामी जैसे कि पक्षियों का टकरा जाना, फ्यूल प्रेशर की समस्या या फिर मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट तुरंत दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसी के वजह से प्लेन का इंजन फेल हो जाता है।
प्लेन पायलट की खामी
पायलट की अनदेखी से भी कई प्लेन क्रैश हुए है। पायलट की गलती भी यह एक बड़ा कारण बन सकती है। खासतौर से टेकऑफ के दौरान जब पायलट पिच एंगल, स्पीड और रनवे लिफ्ट ऑफ पॉइंट का गलत निर्णय ले तब। टेकऑफ और लैंडिंग के वक्त सबसे ज्यादा प्लेन क्रैश मानवीय भूल की वजह से होते हैं।
खराब मौसम के चलते क्रैश के ज्यादा चांस
विमान हादसे में टेकऑफ के दौरान थंडरस्टॉर्म, तेज हवा, कम विजिबिलटी या फिर माइक्रोबर्स्ट जैसी चीजें भी कई बार हादेसे की वजह बनती है। हाल ही, में जब दिल्ली में खराब मौसम की वजह से आंधी-तूफान आया था तो भी एक प्लेन का वीडियो वायरल हुआ था, जो कि टर्ब्युलेंस में फंस गया था। तो खराब मौसम भी क्रैश होने का एक बड़ा कारण है।
तकनीकी खराबी भी कड़ा कारण
टेकऑफ के दौरान भी प्लेन क्रैश में तकनीकी खराबी अहम भूमिका निभाती है। कई बार विमान के लैंडिंग गियर, ऑटोथ्रॉटल सिस्टम, हाइड्रोलिक्स या फिर एयरस्पीड इंडीकेटर में कोई फॉल्ट क्रैश की वजह बन सकता है। चूंकि, टेकऑफ औक लैंडिंग के वक्त समय कम होता है, इसलिए तकनीकी खराबी की संभावना नहीं होनी चाहिए, नहीं तो यह खतरनाक हो सकता है।





