नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भारतीय जनता पार्टी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर अपने 67 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। वहीं BJP के 67 प्रत्याशियों की सूची में से एक प्रत्याशी सुनील सांगवान ने नाम पर विपक्ष द्वारा काफी सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि बीजेपी सत्ता के गठजोड़ के लिए इस तरह के उम्मीदवार को टिकट दे रही है। बता दें कि सुनील सांगवान भारतीय जनता पार्टी में दो दिन पहले ही शामिल हुए थे और अब BJP ने उन्हें चरखी दादरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बना दिया है। दरअसल सुनील सांगवान पर जेल अधीक्षक रहते हुए उनके द्वारा लिए गए एक फैसले पर यह सवाल उठाए जा रहे हैं।
सुनील सांगवान हैं कौन?
सबसे पहले जान लेते हैं कि सुनील सांगवान हैं कौन? सुनील सांगवान हरियाणा के पूर्व राजस्व एवं सहकारिता मंत्री रहे सतपाल सांगवान के बेटे हैं। सतपाल सांगवान को पूर्व सीएम बंसीलाल का करीबी बताया जाता था। सुनील सांगवान की वर्ष 2002 में हरियाणा के जेल विभाग में तैनाती हुई थी। उन्होंने हरियाणा की भौंडसी जेल में जेल उपाधीक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। बता दें कि सुनील सांगवान की आखिरी तैनाती भी भौंडसी जेल में ही हुई थी और यहां से जेल अधीक्षक पद पर रहते हुए उन्होंने VRS ले लिया है।
सुनील सांगवान ने हरियाणा के जेल विभाग में अपनी 22 साल की सेवा देने के बाद VRS के लिए आवेदन दिया था, जिसको 1 सितंबर 2024 को हरियाणा सरकार के गृह विभाग ने स्वीकार कर लिया था। जिसके बाद उन्होंने सारी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए 3 सितंबर 2024 को BJP की सदस्यता ले ली थी। वहीं BJP ने उन्हें 4 सितंबर 2024 को चरखी दादरी विधानसभा सीट से टिकट दे दिया है।
उनपर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
अब सवाल उठता है कि जब सुनील सांगवान ने सारी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बीजेपी की सदस्यता ली है तो उनपर सवाल क्यों उठ रहे हैं। दरअसल सुनील सांगवान पर रोहतक की सुनारिया जेल के जेल अधीक्षक रहते हुए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को 6 बार परोल देने के आरोप लगाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार बताना चाहेंगे कि जेल में किसी भी कैदी को अच्छे आचरण के कारण परोल देने के लिए जेल अधीक्षक की रिपोर्ट काफी महत्वपूर्ण होती है, जिसके आधार पर ही परोल दिया जाता है। राम रहीम को कुल 10 बार परोल दिया गया है, जिसमे से अकेले 6 बार परोल सुनील सांगवान ने दिया था। जिसको लेकर ही BJP पर ये सवाल उठाए जा रहे हैं।




