नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । लोकसभा में Waqf Amendment Bill पेश कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजु ने बिल पेश किया। इस विधेयक के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहा है। मुस्लिम संगठन और विपक्ष दोनों ही वक्फ संशोधन बिल का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। चलिए जानते हैं कि इस बिल का विरोध क्यों किया जा रहा है।
1. संपत्ति को लेकर फंसा है पेंच
वक्फ बिल के तहत नया कानून में यह कहा गया है कि अगर वक्फ बोर्ड की संपत्ति रजिस्टर नहीं है, तो 6 महीने बाद वक्फ इसे लेकर कोर्ट नहीं जा सकता है। बता दें कि वक्फ करीब 500-600 साल पुराने हैं, जिनके आधिकारिक दस्तावेज मौजूद नहीं हैं। ऐसे में वक्फ को कहीं ना कहीं अपनी संपत्तियों को लेकर चिंता सता रही है। कि उसके कब्रिस्तान, मस्जिद और स्कूल कानूनी विवाद में फंस सकते हैं।
2. लिमिटेशन एक्ट ने बढ़ाई मुश्किल
वक्फ बिल की लिमिटेशन एक्ट ने मुश्किलें बढ़ा दी है। इस बिल की धारा 107 हटाने और वक्फ बोर्ड को लिमिटेशन एक्ट 1963 के दायरे में लाने का प्रावधान करता है। ऐसे में अगर किसी ने 12 साल या उससे ज्यादा समय तक वक्फ की संपत्ति पर कब्जा जमाया है तो लिमिटेशन एक्ट के कारण वक्फ इस संदर्भ में कानूनी मदद नहीं ले सकेगा। इसे लेकर लिमिटेशन एक्ट को लेकर मुस्लिम समाज में चिंता बढ़ गई है।
3. बोर्ड पर सरकार का पावर बढ़ेगा
नए कानून के मुताबिक वक्फ बोर्ड की सभी संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। रजिस्ट्रेशन का अधिकार जिला कलेक्टर के पास होगा। वहीं सेंट्रल वक्फ काउंसिल में केंद्र सरकार 3 सांसदों को रख सकेगी, जिनका मुस्लिम होना जरूरी नहीं होगा। किसी भी सांसदों को सदस्य के रुप में जगह दी जा सकती है।
4. बोर्ड में गैर-मुस्लिमों की एंट्री
नए कानून के अनुसार वक्फ बोर्ड परिषद में 2 महिलाओं और 2 गैर-मुस्लिम सदस्यों को होना अनिवार्य है। साथ ही वक्फ को सिर्फ वही मुस्लिम संपत्ति दान कर सकते हैं, जो कम से कम 5 साल से इस्लाम का पालन कर रहे हैं। ऐसे बोर्ड में गैर-मुसलमानों की एंट्री से मुस्लिम समाज बोर्ड को खतरा बता चुका है
5. इस्लाम में वक्फनामा जरूरी
इस्लामी परंपरा के अनुसार बिना वक्फनामे के मौखिक रूप से भी संपत्ति दान करन की परंपरा मौजूद है। हालांकि नए कानून के तहत वक्फ डीड के बिना कोई भी प्रॉपर्टी वक्फ बोर्ड की नहीं मानी जाएगी। इसके लिए दान का दस्तावेज दिखाना या होना आवश्यक है।
6. हाई कोर्ट में अपील
वर्तमान समय में अगर वक्फ किसी भी संपत्ति पर दावा करता है तो उसके खिलाफ सिर्फ वक्फ ट्रिब्यूनल में ही अपील की जा सकती है और ट्रिब्यूनल का फैसला ही आखिरी होगा। और इसे किसी अन्य न्यायालय में चुनौती नहीं दी जाएगी। मगर नए कानून के तहत ट्रिब्यूनल के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकेगी।




