नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। साल 2024 में लगातार तीसरे महीने थोक महंगाई दर में बढ़ोतरी हुई है। मई महीने में थोक महंगाई दर में 2.61 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने पर सब्जियां और खाद्य पदार्थ महंगे हो गए हैं।
मई में मुद्रास्फीति रही 1.26 प्रतिशत
मई 2023 में थोक मूल्य सूचकांक (wpi) आधारित मुद्रास्फीति -3.61 प्रतिशत थी। जबकि पिछले महीने मुद्रास्फीति 1.26 प्रतिशत थी। मुद्रास्फीति की सकारात्मक दर के चलते खाद्य पदार्थों, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और अन्य विनिर्माण आदि की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
मई महीने में खाद्य पदार्थों की महंगाई 9.82 प्रतिशत हुई
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने जारी आंकड़ों में बताया है कि जहां अप्रैल महीने में खाद्य पदार्थों की महंगाई 7.74 प्रतिशत बढ़ी थी। वहीं मई महीने में ये बढ़कर 9.82 प्रतिशत हो गई। इसके अलावा अप्रैल माह में जहां सब्जियों की महंगाई 23.60 प्रतिशत थी। वहीं मई महीने में ये बढ़कर 32.42 प्रतिशत हो गई। इसके अलाव प्याज की मुद्रास्फीति 58.05 प्रतिशत तो आलू की 64.05 प्रतिशत रही।
बता दें कि मई 2024 के थोक महंगाई में बढ़ोतरी के आंकड़े खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों के उलट है। भारतीय रिजर्व बैंक के जारी आंकड़ों के मुताबिक मई में खुदरा मुद्रास्फीति कम होकर 4.75 प्रतिशत पर आ गई है। जो कि एक साल का सबसे न्यूनतम स्तर है। भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति तैयार करते समय खुदरा मुद्रास्फीति को ही ध्यान में रखता है।
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