नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। राजधानी दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आज उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब जनसुनवाई के दौरान एक शख्स ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जानलेवा हमला कर दिया। जनता से सीधे जुड़ने के मकसद से आयोजित इस दरबार में ऐसा कुछ हो जाएगा, इसका अंदाजा किसी को नहीं था।
बताया जा रहा है कि, सुबह लगभग 10 बजे, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जनता से मिल रही थीं।तभी एक शख्स बिल्कुल आम शिकायतकर्ता की तरह कुछ कागज़ात लेकर मंच के सामने आया। जैसे ही वह उनके पास पहुँचा, पहले तो झुककर दस्तावेज़ दिखाने लगा… और फिर अचानक एक ज़ोरदार थप्पड़ जड़ दिया! इतना ही नहीं, उसने सीएम के बाल तक खींचने की कोशिश की, और हाथ पकड़कर टेबल की ओर घसीट लिया, जिससे सीएम के सिर पर चोट लगी।
मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी फुर्ती से हरकत में आए और आरोपी को तुरंत धर दबोचा। इससे मुख्यमंत्री को हल्की चोटें आईं थी जिसके बाद उन्हें नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत को ‘स्थिर’ बताया है।
आखिर कौन है हमलावर?
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी का नाम राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया है, उम्र लगभग 41 वर्ष वह गुजरात के राजकोट का निवासी है और पहली नजर में किसी राजनीतिक दल से उसका कोई संबंध नहीं पाया गया है। मामले ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब आरोपी की मां, भानु बेन ने मीडिया के सामने बयान दिया। उन्होंने बताया, मेरा बेटा राजनीति से दूर है, वो सिर्फ कुत्तों से प्यार करता है। उसे जानवरों पर हो रहे अत्याचारों से बहुत दुख होता था। हमेशा कहता था कि कुत्तों को खाना दो, मत मारो। इसी को लेकर वह दिल्ली गया था। क्या वाकई यह हमला कुत्तों के अधिकारों को लेकर था? या इसके पीछे कोई और मनोवैज्ञानिक या सामाजिक कारण था। जांच अब इसी दिशा में चल रही है।
पड़ोसियों ने भी किया समर्थन
आरोपी के पड़ोसियों और जानने वालों ने भी उसके व्यवहार को लेकर सकारात्मक बातें कही हैं। एक पड़ोसी ने कहा, वह अक्सर गली के कुत्तों को खाना खिलाता था। कई बार खुद पैसे खर्च कर उनके लिए दूध और रोटियां लाता था। वह बहुत ही शांत स्वभाव का लड़का है।
‘पशु प्रेम’ या मानसिक तनाव?
सूत्रों का कहना है कि आरोपी मानसिक रूप से असंतुलित हो सकता है। वह बीते कुछ महीनों से दिल्ली में रह रहा था और अलग-अलग संस्थानों को पत्र भेजकर कुत्तों के प्रति संवेदनशीलता की मांग कर रहा था। कुछ दस्तावेजों में उसने कुत्तों की देखरेख में सरकारी विफलताओं की ओर भी इशारा किया है। हालांकि, पुलिस अब उसके पूरे बैकग्राउंड की जांच में जुट गई है। क्या वह किसी उकसावे का शिकार हुआ, या अकेले ही यह कदम उठाया? हमला क्यों किया? इसका जवाब अभी धुंधला है, लेकिन शुरुआती अंदाज़ा है कि वह किसी फैसले से नाराज था।
सीएम की तबीयत कैसी है?
हमले के बाद तुरंत डॉक्टरों की टीम बुलाई गई। राहत की बात यह है कि चोटें गंभीर नहीं हैं और सीएम अब सुरक्षित हैं। हालांकि, सुरक्षा में चूक को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल, आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है।दिल्ली पुलिस की विशेष टीम पूछताछ में जुटी है। सीएम की सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है जिस पर गृह मंत्रालय ने रिपोर्ट तलब की है। अगले जनसुनवाई कार्यक्रमों में सुरक्षा व्यवस्था दोगुनी की जा रही है।




