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Monday, March 16, 2026
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नवीन पटनायक को पटकनी देने वाले लक्ष्मण बाग कौन हैं? जिनकी पूरे देश में हो रही चर्चा

Laxman Bagh: बीजद सुप्रीमो नवीन पटनायक 24 साल से ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे हैं। उनको इस तरह से इस कांटाबांजी विधानसभा सीट से हराकर लक्ष्मण बाग काफी प्रसिद्ध हो गए हैं।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बीजेपी के प्रत्याशी लक्ष्मण बाग ने ओडिशा की कांटाबांजी विधानसभा सीट से बीजद सुप्रीमो नवीन पटनायक को चुनाव में 16 हजार से ज्यादा वोटों से हराकर सबको हैरान कर दिया है। हर जगह उनकी चर्चा चल रही है। बीजद सुप्रीमो नवीन पटनायक 24 साल से ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे हैं। उनको इस तरह से इस कांटाबांजी विधानसभा सीट से हराकर लक्ष्मण बाग काफी प्रसिद्ध हो गए हैं।

चुनाव में जीत दर्ज कर लक्ष्मण बाग ने सबको चौंका दिया

हर कोई उनके बारे में जानना चाहता है। इससे पहले उन्हें अपने क्षेत्र के अलावा कोई जानता भी नहीं था। अब हर जगह उनकी ही चर्चा हो रही है। यह बात अलग है कि लक्ष्मण बाग इससे पहले भी बीजेपी के टिकट पर वर्ष 2014 और वर्ष 2019 का चुनाव लड़ चुके हैं। लेकिन उन्हें उस समय हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने फिर भी हार नहीं मानी और इस बार भी बीजेपी के टिकट पर कांटाबांजी विधानसभा सीट से उन्होंने चुनाव लड़ा, वो भी बीजद सुप्रीमो नवीन पटनायक के खिलाफ और इस चुनाव में जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया।

नरेंद्र मोदी ने भी चुनाव प्रचार के समय लक्ष्मण बाग की बहुत तारीफ की थी

लक्ष्मण बाग ओडिशा के बलांगीर जिले के तुरेईकेला ब्लॉक के खुटुलुमुंडा गांव के निवासी हैं। उनके पिता का नाम शंकर बाग था। उनके पिता का स्वर्गवास हो चुका है। लक्ष्मण बाग छह भाइयों में से सबसे छोटे भाई हैं। लक्ष्मण बाग की इस सफलता के पीछे एक लंबे संघर्ष की कहानी है। उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए काफी मेहनत की है। उनके जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें अपने परिवार के भरण पोषण के लिए बहुत ही अधिक मेहनत करनी पड़ी थी।

लक्ष्मण बाग ने बताया कि उन्हें 13 साल की उम्र में उन्हें मात्र 3 रूपये के लिए एक मजदूर के रूप में कार्य करना पड़ा था। यहीं नहीं उन्हें अपने परिवार की स्थिति को सुधारने के लिए खेती भी करनी पड़ती थी। लक्ष्मण बाग ने बताया कि उन्होंने एक ट्रक में खलासी का काम भी किया है। उन्होंने अपनी सफलता की सबसे खास बात बताई कि इतना संघर्ष होने के बावजूद भी वह अपने ऊपर पूरा विश्वास रखते थे। यही कारण है कि वह सकारात्मकता के साथ अपनी मेहनत से आगे बढ़ते रहे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चुनाव प्रचार के समय लक्ष्मण बाग की बहुत तारीफ की थी। पीएम मोदी ने उन्हें शेर बताया था।

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