नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। चंडीगढ़ नगर निगम मेयर चुनाव में इस बार भी बड़ा खेल देखने को मिला। आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के पार्षदों की क्रॉस वोटिंग के चलते भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार हरप्रीत कौर बबला को जीत मिली।
कौन हैं नई मेयर हरप्रीत कौर बबला
बता दें कि हरप्रीत कौर बबला देवेंद्र सिंह बबला की पत्नी है। देवेंद्र सिंह बबला और उनकी पत्नी दोनों किसी समय कांग्रेस में हुआ करते थे। देवेंद्र सिंह बबला का नाम शहर के दबंग नेताओं के तौर पर जाना जाता है। 2022 में देवेंद्र बबला और उनकी पत्नी हरप्रीत कौर बबला कांग्रेस का साथ छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे।
किसे कितने वोट मिले?
चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं, और सांसद मनीष तिवारी का भी एक वोट था। कुल 36 वोटों में से बीजेपी प्रत्याशी हरप्रीत कौर बबला को 19 वोट मिले, जो बहुमत का आंकड़ा है। जबकि आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार प्रेम लता को 17 वोट मिले। बीजेपी के 16 पार्षद आप के 13 पार्षद कांग्रेस के 6 पार्षद सांसद मनीष तिवारी का 1 वोट बीजेपी के 16 पार्षदों के बावजूद उन्हें 19 वोट मिले, जिससे साफ है कि AAP और कांग्रेस के तीन पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की है।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुआ चुनाव
चुनाव की निष्पक्षता को लेकर पहले ही विवाद खड़ा हो चुका था। AAP नेता कुलदीप कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव में हाई कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज को पर्यवेक्षक बनाने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड जज जयश्री ठाकुर को पर्यवेक्षक नियुक्त किया, और उनकी निगरानी में चुनाव संपन्न हुआ
AAP-कांग्रेस को बड़ा झटका
AAP और कांग्रेस गठबंधन के पास बहुमत था, लेकिन फिर भी बीजेपी ने जीत हासिल कर ली। क्रॉस वोटिंग ने इस गठबंधन की रणनीति को कमजोर कर दिया और बीजेपी ने बाजी मार ली है।
पिछले साल भी हुआ था विवाद
यह पहली बार नहीं है जब चंडीगढ़ मेयर चुनाव में विवाद हुआ हो। पिछले साल भी चुनाव के नतीजों पर सवाल उठे थे। तब चुनाव अधिकारी अनिल मसीह ने AAP-कांग्रेस गठबंधन के आठ वोट अमान्य कर दिए थे, जिससे बीजेपी उम्मीदवार की जीत हुई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को पलटते हुए AAP-कांग्रेस के कुलदीप कुमार को मेयर घोषित कर दिया था। इस चुनाव के नतीजे ने फिर से राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। क्रॉस वोटिंग से नाराज AAP और कांग्रेस आगे क्या कदम उठाएंगे, यह देखना दिलचस्प होगा। वहीं, बीजेपी के लिए यह जीत एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।





