नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आज सुबह दिल्ली-एनसीआर में तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, यह भूकंप सुबह 5:36 बजे आया और इसकी तीव्रता 4.0 मापी गई। इसके बाद सुबह 8 बजे के करीब बिहार के सीवान में भी 4.0 तीव्रता का भूकंप आया। चलिए जानते हैं कि भूकंप आने की स्थिति में क्या करना चाहिए और क्या बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।
भूकंप आने से पहले की तैयारी
बैटरी से चलने वाला टॉर्च और अतिरिक्त बैटरियां बैटरी से चलने वाला रेडियो फर्स्ट एड किट और मैनुअल आपातकालीन भोजन और पानी वॉटरप्रूफ कंटेनर में मोमबत्तियाँ और माचिस चाकू और कैन ओपनर आवश्यक दवाइयाँ नकद और क्रेडिट कार्ड मजबूत जूते रखा लें।
भूकंप के दौरान क्या करें?
घबराएं नहीं और जल्दबाजी में बाहर न भागें अगर आप घर में हैं, तो मजबूत टेबल या बेड के नीचे छुपें और सिर तथा गर्दन को हाथों से ढकें। घर के किसी कोने में खड़े होकर खुद को बचा सकते हैं। लिफ्ट का इस्तेमाल न करें। खुले स्थान में जाएं और पेड़, बिजली के तारों से दूर रहें।
अगर गाड़ी में हैं तो क्या करें?
जितनी जल्दी हो सके, गाड़ी रोक दें और उसमें ही बैठे रहें। इमारतों, पेड़ों, पुलों और तारों के पास या नीचे रुकने से बचें और भूकंप रुकने के बाद सावधानी से आगे बढ़ें।
भूकंप के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां
सुरक्षित स्थान पर छिपें, खिड़कियों और भारी फर्नीचर से दूर रहें। कंपन रुकने तक अपनी जगह से न हिलें। अपने और आसपास के लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखें। आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद आने वाले झटकों) के लिए तैयार रहें। आग लगने की संभावना को लेकर सतर्क रहें। इमारत से बाहर निकलते समय लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का उपयोग करें। अगर बाहर हैं, तो इमारतों, पेड़ों और बिजली की लाइनों से दूर रहें। धीरे-धीरे बाहर निकलें और खुले स्थान पर जाएं। टूटे हुए कांच और अन्य खतरनाक वस्तुओं से बचें। आफ्टरशॉक्स के लिए तैयार रहें। अगर समुद्री तट के पास हैं, तो ऊंचे स्थान पर जाएं क्योंकि सुनामी आने की संभावना हो सकती है। अगर पहाड़ी इलाके में हैं, तो भूस्खलन के प्रति सतर्क रहें। भूकंप एक प्राकृतिक आपदा है, लेकिन सतर्कता और सही कदम उठाकर इससे बचा जा सकता है। जागरूक रहें और सुरक्षित रहें।





