नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। वित्त मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले फाइनेंशियल सर्किल में केंद्र की सभी योजनाओं (Central Sponsored Schemes -CSS) पर सनसेट क्लॉज लागू करना अनिवार्य होगा। इसका मतलब है कि हर सरकारी योजना की एक तय समय सीमा होगी और समय-समय पर उसका प्रदर्शन भी जांचा जाएगा। मंत्रालयों को योजनाओं की पूरी रिपोर्ट देनी होगी कितना खर्च हुआ, कितना फायदा हुआ, लाभार्थियों तक पैसा कैसे पहुंचा, और योजना के लिए कितने पद बनाए गए। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य है सरकारी खर्च की गुणवत्ता बढ़ाना, कमजोर योजनाओं को पहचानना और बेकार हो चुकी स्कीमों को समय पर बंद करना।
क्या है ‘सनसेट क्लॉज’?
सनसेट क्लॉज का मतलब है किसी भी योजना की एक तय समय सीमा, जिसके बाद उसका मूल्यांकन (evaluation) किया जाएगा। योजना जारी रहेगी या बंद होगी, इसका फैसला उसके प्रदर्शन, खर्च और लाभ के आधार पर होगा। सरल भाषा में हर योजना की “समाप्ति तिथि + रिपोर्ट कार्ड” तय करना ही सनसेट क्लॉज कहलाता है।
वित्त मंत्रालय ने क्यों इसे जरूरी बताया?
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सनसेट क्लॉज यह जांचने में मदद करता है कि योजना से सरकार पर कितना आर्थिक बोझ पड़ रहा है। जमीन पर लाभार्थियों को कितना फायदा मिला योजना पर हर पांच साल में कितना और खर्च करना चाहिए।
किन योजनाओं को अब बंद करना चाहिए
यह कदम सरकारी धन के पारदर्शी, प्रभावी और जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करेगा।सरकार हर साल हजारों करोड़ रुपये सैकड़ों योजनाओं पर खर्च करती है। लेकिन कई योजनाएं सालों से चल रही हैं, उनकी समीक्षा नहीं होती, और नतीजे भी उम्मीद के मुताबिक नहीं मिलते। सनसेट क्लॉज लागू होने से गैर-जरूरी योजनाएं चरणबद्ध तरीके से बंद की जा सकेंगी, कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) का सही इस्तेमाल होगा, और चल रही योजनाओं का वास्तविक प्रदर्शन सामने आएगा।
मंत्रालयों को क्या करना होगा?
वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया है कि हर योजना के लिए स्पष्ट टाइमलाइन और सनसेट क्लॉज सेट करें। विस्तृत रिपोर्ट जनवरी के पहले सप्ताह तक सौंपें। इस रिपोर्ट में शामिल होगा— पिछले 5 साल का खर्च बनाम बजट, केंद्र से लाभार्थी तक पैसा कैसे पहुंचा (fund flow) योजना का थर्ड-पार्टी मूल्यांकन योजना के लिए बनाए गए पदों की संख्या और योजना जारी रखने के औचित्य की पूरी व्याख्या नीति आयोग द्वारा समीक्षा की जाने वाली योजनाओं में भी इसी प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। सनसेट क्लॉज सरकार की योजनाओं में जवाबदेही, पारदर्शिता और परिणाम आधारित खर्च को बढ़ावा देगा। इससे ऐसी योजनाएं आगे बढ़ेंगी, जो जनता के लिए वास्तव में काम कर रही हों, और कमजोर योजनाएं स्वाभाविक रूप से हटती जाएंगी। 1 अप्रैल 2026 से यह नियम लागू होने के बाद सरकारी योजनाएं और भी प्रभावी और लक्ष्य-आधारित होने की उम्मीद की जा रही





