नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। One Nation One Election: लोकसभा और विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए गठित संसद की संयुक्त समिति का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। अब इस समिति को मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
लोकसभा में ध्वनिमत से पास हुआ प्रस्ताव
इस मामले पर विचार करने के लिए गठित 39 सदस्यीय समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद पीपी चौधरी ने लोकसभा में कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने ध्वनि मत से मंजूरी दे दी। अब यह समिति गहन विचार-विमर्श के बाद अपनी अंतिम सिफारिशें पेश करेगी।
किन विधेयकों पर हो रही है चर्चा?
संयुक्त समिति दो अहम विधेयकों पर विचार कर रही है संविधान 129वां संशोधन) विधेयक, 2024 संघ राज्य क्षेत्र विधि संशोधन विधेयक, 2024 ये विधेयक लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने का प्रस्ताव रखते हैं। इस प्रस्ताव का आधार पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट है, जिसने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ One Nation One Election की सिफारिश की थी। रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार ने यह विधेयक पेश किए हैं।
क्या होंगे चुनावी प्रक्रिया में बदलाव?
अगर ये विधेयक पारित हो जाते हैं तो इससे चुनावी खर्च में कटौती, प्रशासनिक बोझ कम होने और चुनावों की बार-बार होने वाली प्रक्रिया से बचने में मदद मिलेगी। इससे पूरे देश में एक ही समय पर लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराए जा सकेंगे। अब समिति अपनी रिपोर्ट तैयार कर मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह तक संसद में पेश करेगी। इसके बाद इन विधेयकों पर संसद में चर्चा होगी और फिर इन्हें पारित करने की प्रक्रिया शुरू होगी। यदि संसद इन विधेयकों को पारित करती है, तो भारत में चुनावी प्रणाली में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।




