नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। FD ने 2 सितंबर 2024 को आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार कर लिया। ईडी ने आप विधायक अमानतुल्लाह खान को दिल्ली के कथित वक्फ घोटाले को लेकर यह गिरफ्तार किया है। बता दें कि अमानतुल्लाह खान दिल्ली की ओखला विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक हैं। अमानतुल्लाह खान पर दिल्ली वक्फ बोर्ड का चेयरमैन रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगे हैं। साथ में ही उनपर अपने करीबियों की भर्तियां करने के आरोप भी लगे हैं।
अक्टूबर 2023 में अपने मोबाइल के व्हाट्सएप चैट को डिलीट कर दिया था
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अमानतुल्लाह खान ईडी को जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। अमानतुल्लाह को ED ने कई समन भेजे थे लेकिन वह पेश नहीं हुए। आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ED की जांच को विफल करने के लिए जानबूझकर ऐसा कर रहे थे। ये बात खुद ED ने कोर्ट में कही है।
ED ने कोर्ट में बताया था कि आप विधायक अमानतुल्लाह खान की जब्त की गई सफेद डायरी से उनके और उनके करीबियों के बीच करोड़ों रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ है। उनके मोबाइल से कई आपत्तिजनक सबूत भी मिले हैं। ED ने बताया कि आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने तलाशी के दिन ही अक्टूबर 2023 में अपने मोबाइल के व्हाट्सएप चैट को डिलीट कर दिया था।
लेकिन वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ही सिर्फ 1 बार पेश हुए
बता दें कि ED ने 2 सितंबर 2024 को आप विधायक अमानतुल्लाह खान को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। अमानतुल्लाह खान ने कोर्ट में दलील दी कि “गिरफ्तार हो गए हैं और क्या कहें, पहले जमानत मिल चुकी है।” वहीं ED के वकील ने कोर्ट में कहा कि हमने आप विधायक अमानतुल्लाह खान को 2 सितंबर 2024 को सुबह 11:20 बजे गिरफ्तार किया है। इस मामले की पूरी जानकारी कोर्ट को है। अभियोजन पक्ष की तरफ से एक शिकायत पहले ही दर्ज हो चुकी है इस मामले में 4 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जो अभी भी हिरासत में ही हैं। उनकी नियमित जमानत को खारिज कर दिया गया है।
ED ने कहा कि आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने इस कोर्ट ( राउज एवेन्यू कोर्ट), दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। जिनको खारिज कर दिया गया है। आप विधायक अमानतुल्लाह खान को हमने धारा 19 पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया है। ED ने कोर्ट को जानकारी दी कि आप विधायक अमानतुल्लाह खान को हमने 14 समन जारी किए थे, लेकिन वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ही सिर्फ 1 बार पेश हुए।




