back to top
25.1 C
New Delhi
Thursday, March 12, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

क्‍या है ब्लैकआउट ? जानिए खिड़कियों पर काले पर्दे से लेकर शहर को अंधेरे में रखने के पीछे की रणनीति

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में गृह मंत्रालय ने कल 7 मई को देश के 244 जिलों में एक विशेष अभ्यास आयोजित करने फैसला किया

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद को समर्थन देने वाले पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में गृह मंत्रालय ने कल 7 मई को देश के 244 जिलों में एक विशेष अभ्यास आयोजित करने का फैसला किया है। इसके अंतर्गत नागरिकों को ‘सिविल डिफेंस ट्रेनिंग’ दी जाएगी। इस अभ्यास का उद्देश्य है संकट या युद्ध जैसी स्थिति में आम जनता को आत्मनिर्भर और सजग बनाना। इस तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है ‘ब्लैकआउट’। आइये जानते हैं क्‍या है ये ब्लैकआउट’ ?

क्या होता है ब्लैकआउट ?

जब किसी देश पर युद्ध का संकट मंडराने लगता है या हवाई हमले की आशंका होती है, तो दुश्मन आमतौर पर जमीन पर दिख रही रोशनी को निशाना बनाता है। इसलिए ‘ब्लैकआउट’ एक सुरक्षा उपाय के रूप में अपनाया जाता है। साधारण शब्दों में कहें, तो ब्लैकआउट एक ऐसा रक्षात्मक तरीका है जो अंधेरे की आड़ में दुश्मन की निगाहों को धोखा देने का काम करता है। शहरों की चमकती रोशनियां, वाहनों की हेडलाइट्स और घरों की लाइटें ये सभी दुश्मन के लिए लक्ष्य निर्धारित करने में मददगार बन जाती हैं। ऐसे में सुरक्षा के तहत ब्लैकआउट लागू किया जाता है, ताकि रोशनी पूरी तरह से बंद कर दुश्मन को भ्रमित किया जा सके।

ब्लैकआउट के क्या होते हैं नियम?

ब्लैकआउट का उद्देश्य संभावित हमले से बचाव करना होता है। इसके तहत कुछ आदेश लागू किए जाते हैं। जैसे- घरों की सभी लाइटें बुझा दी जाती हैं, खिड़कियों को गहरे रंग के कपड़ों या मोटे पर्दों से ढका जाता है, वाहनों की हेडलाइट्स पर काले कवर लगाए जाते हैं और सड़क की लाइटें भी तय समय तक बंद रखी जाती हैं।

1971 की जंग और ब्लैकआउट अभ्यास

भारत-पाक युद्ध 1971 के दौरान केंद्र सरकार ने देश के कई शहरों में मॉक ड्रिल्स कराई थीं, ताकि नागरिकों को आपात स्थिति के लिए तैयार किया जा सके। अब वर्षों बाद एक बार फिर सीमा पार बढ़ते तनाव को देखते हुए ऐसे अभ्यास की आवश्यकता महसूस की जा रही है। 

रक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय पुरालेख विभाग की रिपोर्टों में उस समय लागू किए गए सिविल डिफेंस ब्लैकआउट प्रोटोकॉल का जिक्र मिलता है। इसके अलावा, भारत सरकार द्वारा जारी सिविल डिफेंस ट्रेनिंग मैनुअल्स में भी यह स्पष्ट किया गया है कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में सभी प्रकार की रोशनी को छुपाने के निर्देश दिए जाते थे। उस दौर के कई वरिष्ठ नागरिक आज भी याद करते हैं कि ऑल इंडिया रेडियो जैसे माध्यमों से प्रसारण के दौरान घोषणाएं की जाती थीं, जैसे “बत्तियां बुझा दें” या “खिड़कियों पर परदे डाल लें”।

ब्लैकआउट क्यों जरूरी है ?

जब जमीन पर कोई रोशनी नहीं होती, तो दुश्मन की ओर से की गई बमबारी अंधेरे में होती है, जिससे निशाना चूकने की संभावना बढ़ जाती है और नुकसान कम होता है। इस तरह की स्थिति में नागरिकों को मानसिक रूप से तैयार और सतर्क बनाना बेहद जरूरी होता है, ताकि वे सहयोग दे सकें और घबराएं नहीं। इसके अलावा, अंधेरे में देश की वायुसेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां आसानी से छिपी रह सकती हैं, जिससे उन्हें रणनीतिक बढ़त मिलती है।

गौरतलब है कि जम्‍मू-कश्‍मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमलों के बाद भारत की प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट हो गया है कि दुश्मन देश भारत की आंतरिक स्थिरता को भी निशाना बना सकता है। ऐसे में सरकार का मानना है कि जवाबी तैयारी सिर्फ सेना तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि देश के हर नागरिक को भी तैयार रहना चाहिए। यही सोच इस मॉक ड्रिल के पीछे है।

Advertisementspot_img

Also Read:

UP Blackout: आज 75 जिलों में 10 मिनट का ब्लैकआउट मॉकड्रिल, सायरन बजेंगे, बिजली कटेगी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में आज 23 जनवरी को राज्य सरकार की ओर से सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए प्रदेश के सभी...
spot_img

Latest Stories

LPG Crisis: भारत में कब-कब आया LPG गैस संकट? जानिए 2026 से पहले कब-कब लोगों को हुई गैस की किल्लत

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते...

Chaitra Navratri 2026: घटस्थापना मुहूर्त, पूजा विधि और नौ दिन की त्योहार की पूरी जानकारी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म का सबसे पवित्र और...

भारत में क्या है इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया? विदेशों से कितनी अलग है पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बुधवार 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट...

बॉक्स ऑफिस पर The Kerala Story 2 का रहा अच्छा प्रदर्शन, जानिए कलेक्शन रिपोर्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। 'द केरल स्टोरी 2: गोज...

कीर्ति आजाद के बेतुके बयान पर भड़के भारतीय क्रिकेट के बड़े दिग्गज, हरभजन ने भी जमकर लताड़ लगाई

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। न्यूजीलैंड को परास्त करके टी20 विश्व...

Gas Supply Crisis: कहीं गैस बुकिंग ठप तो कहीं लंबी लाइनें, कई शहरों में LPG को लेकर बढ़ी परेशानी

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मध्य पूर्व में जारी तनाव...