नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। राजनीति के अखाड़े में अपनी बेलगाम जुबान के लिए मशहूर बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने निशाना साधा है योग गुरु बाबा रामदेव पर। मामला तब गरमा गया जब बलरामपुर में आयोजित एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान बृजभूषण सिंह की जुबान कुछ ज्यादा ही बेलगाम हो गई। उन्होंने रामदेव को लेकर ऐसा बयान दे डाला, जिस पर अब सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक बवाल मचा है।
भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने सीधे योग गुरु बाबा रामदेव पर निशाना साध दिया है। बलरामपुर में आयोजित एक श्रद्धांजलि सभा में बोलते हुए उन्होंने कहा, रामदेव जिसके नाम पर कमा-खा रहे हैं, वह महर्षि पतंजलि भी गोंडा से थे। अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर एक कार्यक्रम आयोजित में पहुंचे बृजभूषण ने बाबा रामदेव पर तीखा तंज कसते हुए कहा, जिसके नाम पर कारोबार चमका रहे हैं रामदेव, वो ऋषि यहीं के थे।
बृजभूषण के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जहां कुछ लोग इसे स्थानीय गौरव की बात मान रहे हैं, वहीं कई यूजर्स इसे बाबा रामदेव के प्रति अनादर के रूप में देख रहे हैं। कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी को दी श्रद्धांजलि, पर बात घूम गई रामदेव पर बता दे, बलरामपुर में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मंच पर पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह ने अटल जी को “महामानव” बताते हुए उनके जीवन से जुड़े कई संस्मरण सुनाए। इसी बीच बात आ गई गोंडा और बलरामपुर की आध्यात्मिक विरासत पर। जिसपर ऋषि-मुनियों की धरती का जिक्र करते-करते उनकी जुबान फिसल गई या इरादा साफ था, ये तो वही जानें, लेकिन उन्होंने कह दिया, रामदेव जिसके नाम पर आज धंधा कर रहे हैं, वो महर्षि पतंजलि भी गोंडा की धरती से जुड़े हुए थे।
पहले भी दे चुके हैं ऐसे बयान, बाबा रामदेव ने भेजा था कानूनी नोटिस
यह पहला मौका नहीं है जब बृजभूषण शरण सिंह ने बाबा रामदेव को लेकर ऐसा कुछ कहा हो। वर्ष 2022 में भी उन्होंने रामदेव पर महर्षि पतंजलि के नाम के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। तब बाबा रामदेव की ओर से उन्हें कानूनी नोटिस भेजा गया था।अब एक बार फिर वही कहानी दोहराई जा रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बयान के पीछे कोई व्यक्तिगत नाराजगी तो नहीं? इस बार मामला एक कार्यक्रम का था, जिसमें पूर्व पीएम वाजपेयी को याद किया जा रहा था। मंच पर उनकी पौत्री अंजली मिश्र भी मौजूद थीं, मगर बृजभूषण ने मौका देखकर बाबा रामदेव को आड़े हाथों ले लिया।
गोंडा से पतंजलि का क्या रिश्ता है?
बृजभूषण शरण सिंह का दावा है कि योग के प्रणेता माने जाने वाले महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली गोंडा के कोंडर गांव में है। यह इलाका ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से खास माना जाता है। कहा जाता है कि यहीं पर पतंजलि ने योग की शिक्षा दी और फिर यहीं अंतर्ध्यान हो गए। इसी आधार पर बृजभूषण यह कहते आए हैं कि पतंजलि हमारा है, और कोई इसका व्यावसायिक उपयोग कर रहा है तो वो सही नहीं। जहां बृजभूषण का यह बयान वायरल होते ही सोशल मीडिया दो धड़ों में बंट गया है। कुछ लोग रामदेव के पक्ष में उतर आए हैं, तो कुछ लोग बृजभूषण की साफगोई की तारीफ कर रहे हैं। फिलहाल बाबा रामदेव की तरफ से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। फिलहाल, कुछ लोग कह रहे हैं: “रामदेव ने योग को दुनिया भर में पहुंचाया है, उन्हें ऐसा कहना ठीक नहीं। तो वहीं कुछ लिख रहे हैं, बृजभूषण ने जो कहा, वह स्थानीय इतिहास की सच्चाई है।
राजनीति या स्वाभिमान?
बृजभूषण शरण सिंह के इस बयान को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह आस्था से जुड़ा मुद्दा है या राजनीति का मोहरा, जो भी हो, इतना तय है कि मामला अब तूल पकड़ रहा है और आने वाले दिनों में रामदेव की प्रतिक्रिया का भी इंतजार किया जा रहा है।





