नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जूनियर डॉक्टरों से आग्रह किया है कि वह अपनी भूख हड़ताल को खत्म कर दें। उन्होंने कहा कि हर किसी को प्रदर्शन करने का अधिकार है लेकिन इससे स्वास्थय सेवाओं पर असर नहीं होना चाहिए। ममता ने डॉक्टरों को आश्वासन दिया कि वह उनकी मांगो को लेकर सोमवार को उनसे मुलाकात करेंगी।
इंसाफ की मांग कर रहे हैं डॉक्टर्स
कोलकाता के आर जी कर अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ रेप और हत्या मामले में इंसाफ की मांग करते हुए अल्टीमेटम दिया है कि उनकी मांगों को पूरा किया जाए। उन्होंने कहा है कि अगर 21 अक्टूबर तक उनकी मांगे नहीं पूरी हुई तो 22 को वह फिर से हड़ताल करेंगे।
डॉक्टरों से ममता ने मांगा समय
डॉक्टरों से मिलकर ममता ने कहा कि उन्हें 3 से 4 महीनों का समय चाहिए। इस दौरान डॉक्टरों की मांगों को पूरा कर दिया जाएगा। उन्होंने अनुरोध किया कि प्रदर्शन को वापस ले लिया जाए। आपको बता दें कि डॉकटरों की हड़ताल 15वें दिन पर पहुंच गई है।
क्या मांग कर रहे हैं डॉक्टर्स
डॉक्टर्स मांग कर रहे हैं कि अस्पतालों के लिए एक सेंट्रलाइज्ड रेफरल सिस्टम का गठन किया जाए। उनके वर्कस्पेस पर उचित सुविधाएं हों। बेड वैकेंसी मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाए। स्थायी महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाए। डॉक्टरों, नर्सों और अन्य खाली पड़े पदों पर स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती की जाए।
लंबे समय से अनशन कर रहे हैं डॉक्टर्स
आपको बता दें कि आर जी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के साथ हुए रेप और मर्डर केस में न्याय की मांग कर रहे डॉक्टर आमरण अनशन पर चले गए थे। यह डॉक्टर्स लंबे समय से अनशन पर बैठे हुए हैं। हालांकि बंगाल सरकार ने डॉक्टरों के साथ हड़ताल खत्म करने को लेकर बैठक की लेकिन यह बैठक बेनतीजा रही।
50 वरिष्ठ डॉक्टर दे चुके हैं सामूहिक इस्तीफा
इससे पहले कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर की घटना को लेकर प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों के आमरण अनशन को सपोर्ट करते हुए 50 वरिष्ठ डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया था।





