नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। केंद्र सरकार के संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार 4 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वक्फ संशोधन विधेयक राज्यसभा में पूरी प्रक्रिया और नियमों के तहत पास किया गया है। उन्होंने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के उस आरोप को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि यह बिल जबरदस्ती पास किया गया।
संसद में ऐतिहासिक चर्चा
रिजिजू ने कहा कि राज्यसभा में गुरुवार 3 अप्रैल को सुबह 11 बजे से शुरू होकर शुक्रवार 4 अप्रैल की सुबह 4 बजे तक बिल पर चर्चा चली। कुल मिलाकर 17 घंटे और 2 मिनट तक यह बहस चली, जो एक रिकॉर्ड है। खास बात यह रही कि चर्चा के दौरान एक भी व्यवधान नहीं हुआ।
दोनों सदनों में पास हुआ बिल
वक्फ संशोधन विधेयक पहले लोकसभा में बुधवार 2 अप्रैल को 288 मतों से पास हुआ था। इसके बाद यह गुरुवार को राज्यसभा में भी पारित हो गया। रिजिजू ने कहा कि हमें जितने वोटों की जरूरत थी, उतने वोट हमें दोनों सदनों में मिल गए।
सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज पर क्या बोले रिजिजू?
जब रिजिजू से पूछा गया कि क्या इस विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है, तो उन्होंने कहा, “हर कानून को कोई न कोई अदालत में चुनौती देता ही है, यह न्यायपालिका का काम है कि वो इसकी निगरानी करे।” उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के कुछ नेता भी इस बिल का समर्थन करते हैं।
सोनिया गांधी के आरोपों पर जवाब
सोनिया गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर रिजिजू ने कहा, “कांग्रेस की पार्लियामेंट्री मीटिंग में कहा गया कि यह बिल जबरदस्ती पास कराया गया, लेकिन हमने तो पूरी चर्चा के साथ बिल पास किया है। अगर बिना चर्चा बिल पास होता, तब सवाल उठते। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के इस बयान पर कि प्रधानमंत्री बिम्सटेक सम्मेलन में क्यों गए, रिजिजू ने कहा, “बिम्सटेक एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय संगठन है, और हर प्रधानमंत्री ऐसे शिखर सम्मेलनों में जाता है। पीएम मोदी तो संसद में प्रश्नकाल में भी मौजूद थे।”




