back to top
18.1 C
New Delhi
Thursday, April 9, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

वीपी सिंह ने हमारी बात मानने से किया इनकार, मुफ्ती ने पलायन गलत बताया : सुरिंदर कौल

नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। द कश्मीर फाइल्स कश्मीरी पंडित समुदाय के दर्द को उजागर कर रही है। जिससे अब कुछ पुराने तथ्य सामने आ रहे हैं। ग्लोबल कश्मीरी पंडित डायस्पोरा के संस्थापक सुरिंदर कौल ने उस व्यवहार की याद दिलाई जो 1990-1991 में उस दिन की सरकार ने समुदाय के साथ की थी। कौल ने कहा: हमें कश्मीर से बाहर निकाले जाने के बाद, जहां मैं श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में हाउस-जॉब कर रहा था, हमने दिल्ली में कई विरोध प्रदर्शन, धरने और रैलियां आयोजित कीं। हम जंतर-मंतर पर हफ्तों तक बैठे रहे। वीपी सिंह उस समय प्रधानमंत्री थे और मुफ्ती मोहम्मद सईद गृह मंत्री थे। हमने पीएम के आवास पर विरोध प्रदर्शन किया और लंबे समय के बाद, हम में से पांच के एक प्रतिनिधिमंडल को पीएम से मिलने की इजाजत दी गई। हम सभी युवा छात्र थे, हताश और बहुत पीड़ित थे। जब हम आखिरकार उनसे मिले, तो उनका कहना था देखता हूं, और फिर वह दूर जाने लगे। मेरे एक साथी ने जबरदस्ती की और कहा, उनके पास हमारी दुर्दशा सुनने के लिए पांच मिनट भी नहीं हैं .. पीएम नाराज थे यह इतना दिखाई दे रहा था और वह चले गये। हमें बाहर ले जाया गया और जैसे ही हम पीएम आवास के बाहर अन्य छात्रों की प्रतीक्षा कर रहे भीड़ के पास वापस आए, दिल्ली पुलिस ने हम पर लाठीचार्ज किया, उन्होंने हम पर वार किए और हमें गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ दिनों के बाद, हम गृह मंत्री मुफ्ती सईद से मिलने गए और उन्हें बस इतना कहना था कि हां, यह ठीक नहीं है। उनके पास हमारे सवालों का कोई जवाब नहीं था। हमने उनसे कहा, स्थानीय पुलिस और खुफिया नेटवर्क ने क्यों गायब हो गई। कोई अपना काम क्यों नहीं कर रहा था? कोई सुरक्षा क्यों नहीं थी? वह बस चुप रहे। उस दिन मुझे एहसास हुआ कि हमारे देश की राज्य और केंद्रीय बिजली व्यवस्था चरमरा गई है और हमारी मदद करने वाला कोई नहीं था। –आईएएनएस आरएचए/आरजेएस

Advertisementspot_img

Also Read:

छुट्टी रद्द होते ही GenZ कर्मचारी का अनोखा रिएक्शन, एयरपोर्ट से बोलीं- अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । सोचिए, आप फ्लाइट पकड़ने ही वाले हों और तभी ऑफिस से मैसेज आए कि आपकी छुट्टियां रद्द कर दी गई...
spot_img

Latest Stories

⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵