नई दिल्ली, 20 मई (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय के विवेकानंद महिला कॉलेज में जिन 12 एडहॉक शिक्षकों को नौकरी से हटा दिया गया था उनकी पुनर्नियुक्ति का फैसला लिया गया है। ज्ञात हो कि शिक्षक संगठनों में विवेकानंद महिला कॉलेज द्वारा लिये गए इस निर्णय के ख़िलाप भारी रोष था। शिक्षक प्रतिनिधि दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन से लेकर दिल्ली सरकार तक कॉलेज जे इस निर्णय के ख़िलाफ अपनी नाराजगी जाता चुके थे। एडहॉक शिक्षकों ने इसके ख़िलाफ गत बुधवार को एक दिन की भूख हड़ताल भी की थी। शिक्षकों के भारी विरोध के बीच गुरुवार को बुलाई गई शासकीय निकाय की मीटिंग में बहुमत से इन 12 शिक्षकों की नौकरी बहाल करने का निर्णय लिया गया। एकेडेमिक कॉउंसिल सदस्य सुधांशु कुमार ने इस निर्णय पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हम जी बी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हैं। यह देर से सही परन्तु दुरूस्त निर्णय लिया गया है। कॉलेज प्रधानाचार्य ने जिस मनमाने ढंग से इन शिक्षकों को निकालने का निर्णय लिया था वह बिल्कुल निंदनीय है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के 5 दिसम्बर के रिकॉर्ड ऑफ डिस्कशन में यह स्पष्ट कहा गया है कि जब तक स्थायी नियुक्ति नहीं हो जाती किसी एडहॉक को निकाला नहीं जाएगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन से हम यह मांग करते है कि वह 05 दिसम्बर के रिकॉर्ड ऑफ डिस्कसन को तुरंत लागू करे ताकि एडहॉक शिक्षकों की बार बार यह परेशानी न झेलना पड़े। हिन्दुस्थान समाचार/सुशील




