नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल के कई जिलों में वक्फ संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन हुए। जुमे की नमाज के बाद हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और कई जगहों पर रेलवे ट्रैक और हाईवे जाम कर दिए। मुर्शिदाबाद जिले के सुती इलाके में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वैन और बसों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस पर पथराव हुआ, जवाब में पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। इस झड़प में करीब 15 पुलिसकर्मी और 10 आम लोग घायल हो गए।
नाबालिग को गोली लगी, अस्पताल में भर्ती
एक नाबालिग लड़की जो अपने रिश्तेदार के घर से लौट रही थी, झड़प के दौरान गोली लगने से घायल हो गई। उसे कोलकाता के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। मालदा और अजीमगंज-फरक्का रूट पर प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर ट्रेन सेवाएं बाधित कीं। इससे कई ट्रेनें रास्ते में फंस गईं और कुछ ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ा। रेलवे पुलिस और जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभालने की कोशिश की।
हनुमान जयंती के मद्देनजर BSF की तैनाती, शांति बहाली की कोशिशें तेज
जंगीपुर में भी भीड़ बेकाबू हो गई थी। बीएसएफ ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थानीय प्रशासन की मदद की और जवानों को तैनात कर हालात को काबू में किया। अब तक 118 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राज्य सरकार से कहा है कि दोषियों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाए ताकि स्थिति फिर न बिगड़े। कोलकाता की आलिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी इस कानून के विरोध में रैली निकाली। रैली में शामिल छात्रों ने ‘सेवन पॉइंट क्रॉसिंग’ को भी कुछ समय के लिए ब्लॉक कर दिया। बीजेपी नेताओं ने ममता बनर्जी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि बंगाल को “दूसरा बांग्लादेश” बनाने की कोशिश हो रही है। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि विरोध करना सबका हक है, लेकिन हिंसा गलत है। हालात अब धीरे-धीरे काबू में आ रहे हैं लेकिन कई इलाकों में तनाव बना हुआ है। प्रशासन और सुरक्षाबल लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि दोबारा हिंसा न भड़के।




