नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पंजाब में नशा कारोबार के खिलाफ चल रहे ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। विजिलेंस और पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को अमृतसर स्थित उनके आवास से उन्हें हिरासत में लिया।
26 ठिकानों पर एक साथ छापा
विजिलेंस ब्यूरो और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम ने एक साथ पंजाब के 26 ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें अमृतसर, संगरूर, लुधियाना, मजीठा, तरनतारन, पठानकोट और होशियारपुर शामिल हैं। अमृतसर में 9 जगह, संगरूर में 3 मजीठा में 2 तरनतारन में 4 लुधियाना में 2 अन्य जिलों में भी छानबीन जारी है एसएसपी लखबीर सिंह की अगुआई में 30 अधिकारियों की टीम ने मजीठिया के घर से कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। उन पर नशा तस्करी और आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप हैं, गौरतलब है कि मजीठिया पर 2021 से NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज है, लेकिन 2022 में उन्हें हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी।
मजीठिया बोले – “यह बदले की राजनीति है”
गिरफ्तारी के बाद बिक्रम मजीठिया ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया। उन्होंने कहा: “सरकार मेरी आवाज दबाना चाहती है। ड्रग्स केस में जब कुछ नहीं मिला, तो अब नया झूठा केस बनाकर मुझे फंसाया जा रहा है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजिलेंस की टीम बिना वर्दी में आई और उनकी पत्नी व बच्चों को स्वर्ण मंदिर जाने से रोका गया।
केजरीवाल का बयान – “माफिया कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा”
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर बिना नाम लिए कहा: “नशे का कोई भी बड़ा माफिया हो, बख्शा नहीं जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, मजीठिया की गिरफ्तारी ड्रग मनी और अवैध संपत्ति की जांच से जुड़ी है, न कि सिर्फ पुराने NDPS केस से। बिक्रम मजीठिया की गिरफ्तारी ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। एक तरफ सरकार इसे नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई बता रही है, वहीं मजीठिया इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई कह रहे हैं। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़ी और भी जानकारियां सामने आ सकती हैं।




