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Thursday, March 12, 2026
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कुलदीप सिंह सेंगर की सजा पर सुप्रीम कोर्ट के रोक वाले फैसले से पीड़ित परिवार संतुष्ट, बोला-दोषी को फांसी मिले

उन्नाव मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद पीड़ित परिवार ने फैसले का स्वागत करते हुए न्याय की उम्मीद जताई है।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । पूर्व विधायक और भाजपा से निष्कासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर की सजा के निलंबन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद उन्नाव मामले में पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया सामने आई है। परिवार ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए न्याय की उम्मीद जताई है।

पीड़िता की मां ने सुप्रीम कोर्ट का आभार जताते हुए कहा कि दोषी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार को लगातार डराया-धमकाया गया और सुरक्षा हटाए जाने के बाद उनके घर पर असामाजिक तत्व भी पहुंचे थे, जिसकी रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे लंबे समय से न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और अब उन्हें अदालत से सख्त फैसला आने की उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता की मां ने सरकार और प्रशासन से अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके बच्चों और पूरे परिवार को सुरक्षा दी जानी चाहिए, साथ ही बच्चों के लिए नौकरी की व्यवस्था भी होनी चाहिए। उन्होंने कोर्ट के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि सजा पर रोक लगने से उन्हें राहत मिली है और दोषी को सबसे सख्त सजा मिलनी चाहिए। 

वहीं, पीड़िता की बहन ने मीडिया से बातचीत में परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बहन के खिलाफ गलत तरीके से रिकॉर्डिंग फैलाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि आरोपी प्रभावशाली हैं और परिवार को उनसे खतरा बना हुआ है, इसलिए प्रशासन को तुरंत सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने सेंगर की सजा निलंबन पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने 2017 के उन्नाव बलात्कार मामले में बीजेपी से निष्कासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा निलंबित करने के संबंध में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर सेंगर को नोटिस जारी किया है, जिसने हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दिल्ली हाई कोर्ट के 23 दिसंबर के आदेश के बाद सेंगर को हिरासत से रिहा नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कई महत्वपूर्ण कानूनी सवाल उठते हैं, जिन्हें विचार करने की जरूरत है।

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