नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क । उत्तराखंड की जेलों में HIV संक्रमित कैदियों की संख्या बढ़ती जा रही है। हाल ही में हरिद्वार जेल में 23 कैदी HIV पॉजिटिव पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों ने इसकी पुष्टि की है। जिला प्रशासन ने इस पर संज्ञान लेते हुए सभी कैदियों की स्वास्थ्य रिपोर्ट मांगी है।
जेल में कैसे फैलता है HIV?
जेलों में HIV फैलने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कई कैदी नशे की लत में इंजेक्शन का इस्तेमाल करते हैं। अगर एक HIV संक्रमित व्यक्ति का इस्तेमाल किया गया इंजेक्शन किसी और ने भी इस्तेमाल कर लिया, तो वायरस फैल सकता है। अगर कोई कैदी HIV पॉजिटिव है और उसके साथ बिना किसी सुरक्षा के यौन संबंध बनाए गए, तो संक्रमण फैलने की संभावना रहती है। इन कारणों से जेल के अंदर भी यह बीमारी फैल सकती है। जेल प्रशासन समय-समय पर कैदियों की स्वास्थ्य जांच करवाता है। HIV समेत अन्य संक्रामक बीमारियों की जांच रूटीन में होती है। पिछले कुछ वर्षों में इन्हीं जांचों के जरिए कई मामले सामने आए हैं।
संक्रमित कैदियों को मिलती हैं ये सुविधाएं
अगर कोई कैदी HIV पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे सामान्य बैरकों से अलग एक विशेष बैरक में रखा जाता है, ताकि वायरस दूसरों में न फैले। ऐसे कैदियों को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी ART दी जाती है, जिससे बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सके। कई जेलों में विशेष मेडिकल स्टाफ मौजूद होता है जो समय-समय पर इन मरीजों की जांच और दवाइयों का ध्यान रखते हैं। HIV पॉजिटिव कैदियों को मानसिक और भावनात्मक समर्थन भी देने की कोशिश की जाती है। जेलों में HIV संक्रमण का बढ़ना एक गंभीर चिंता का विषय है। नशे की लत और असुरक्षित यौन व्यवहार इसकी बड़ी वजहें हैं। हालांकि, समय पर जांच और सही इलाज से इसे रोका जा सकता है। जरूरी है कि जेलों में जागरूकता बढ़ाई जाए और संक्रमित कैदियों को सही इलाज और देखभाल दी जाए।





