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Friday, March 6, 2026
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वक्फ कानून के खिलाफ बंगाल में फिर हिंसा, भीड़ ने पुलिस पर किया पथराव और गाड़ियां फूंकीं! कई ट्रेनें हुई रद्द

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार, 11 अप्रैल 2025 को वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार, 11 अप्रैल 2025 को वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, कई गाड़ियों में आग लगा दी और सड़कों के साथ-साथ रेलवे ट्रैक को भी जाम कर दिया। आज भी इस हिंसा का असर देखा जा रहा है।

प्रदर्शन के दौरान हिंसा कैसे फैली?

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, जुमे की नमाज़ के बाद शमशेरगंज में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और वक्फ कानून के विरोध में नेशनल हाईवे-12 को जाम कर दिया। जब पुलिस ने भीड़ को हटाने की कोशिश की, तो भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। इस हिंसा में करीब 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

गाड़ियों में आग, ट्रेनें रुकीं

हिंसक भीड़ ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। साथ ही मालदा और फरक्का-आज़िमगंज रेल सेक्शन पर प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक पर धरना दिया, जिससे कई ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पूर्वी रेलवे ने बताया कि 5000 से अधिक लोग ट्रैक पर बैठ गए, जिससे कामाख्या पुरी एक्सप्रेस और अन्य ट्रेनें बीच रास्ते में फंस गईं। कई पैसेंजर ट्रेनों को भी रोका गया। बंगाल पुलिस ने जानकारी दी है कि सुती और शमशेरगंज इलाकों में अब हालात सामान्य हो गए हैं। पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ दिया है और नेशनल हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया गया है। पुलिस ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई होगी।

बीएसएफ की तैनाती

हिंसा को देखते हुए बीएसएफ के जवानों को भी तैनात किया गया है। बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने तुरंत कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर कदम उठाए हैं। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने राज्य सरकार से अपील की है कि संवेदनशील इलाकों में उपद्रवियों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही इस विषय में सरकार को आगाह किया था। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि उनके राज्य में भी मुस्लिम आबादी 40% के करीब है, लेकिन वहां विरोध शांतिपूर्ण रहा क्योंकि पुलिस पहले से तैयार थी। उन्होंने कहा कि असम के लोग फिलहाल बोहाग बिहू की तैयारियों में जुटे हैं। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील की है। साथ ही, दोषियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

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