नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । उत्तराखंड में मौसम का मिजाज इन दिनों दो अलग-अलग रूप दिखा रहा है। जहां एक ओर मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा और सर्द हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं, वहीं दूसरी ओर ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की शुरुआत हो चुकी है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की ओर से सोमवार को राज्य के दो मैदानी जिलों के लिए घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही प्रदेश के चार जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है, जिससे ठंड और बढ़ने के आसार हैं।
घने कोहरे से यातायात व्यवस्था प्रभावित
उत्तराखंड के मैदानी जिलों में बीते कई दिनों से घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, रुड़की और ऋषिकेश जैसे इलाकों में दृश्यता बेहद कम होकर लगभग 50 मीटर से नीचे पहुंच गई है। इस कारण रेल और हवाई यातायात पर भी असर देखने को मिल रहा है। कई ट्रेनों के संचालन में देरी हो रही है, जबकि जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर उड़ानों की आवाजाही में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
सामान्य से 9 डिग्री तक लुढ़का पारा
बीते शनिवार को ठंड ने ऐसा असर दिखाया कि देहरादून का तापमान मसूरी और मुक्तेश्वर जैसे पहाड़ी इलाकों से भी नीचे चला गया। प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 9 डिग्री सेल्सियस तक गिर दर्ज किया गया है। पंतनगर और देहरादून में दिनभर ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ा।
निचले इलाकों में धूप तो ऊंचाइयों पर बर्फबारी
मैदानी क्षेत्रों से अलग उत्तराखंड के निचले पहाड़ी इलाकों में दिन के समय धूप निकलने से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है। लेकिन ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में हालात बिल्कुल अलग नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों, जिनमें उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ की ऊंची चोटियां शामिल हैं, वहां हल्की से मध्यम स्तर की बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। वहीं उत्तर भारत के अन्य पर्वतीय राज्यों की तुलना में इस बार उत्तराखंड के मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अधिकतर शुष्क बना हुआ है।
मौसम में बदलाव की क्या है वजह?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष पश्चिमी विक्षोभ अपेक्षाकृत कमजोर रहने के चलते पोस्ट-मानसून अवधि पर इसका असर पड़ा है। इसके साथ ही वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी के कारण कोहरा स्मॉग का रूप ले रहा है, जिससे दृश्यता में और अधिक कमी आ रही है। शुष्क ठंड और ठंडी हवाओं का यह दौर आने वाले कुछ दिनों तक बने रहने की संभावना जताई गई है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि कोहरे में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें और बुजुर्गों तथा बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए आवश्यक एहतियात अपनाएं।
उत्तराखंड में मौसम को लेकर चेतावनी जारी
मौसम विभाग के अनुसार आज भी उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में मौसम बदला हुआ रह सकता है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बेहद हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। यह बर्फबारी मुख्य रूप से 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में हो सकती है। वहीं राज्य के अन्य जिलों में मौसम के शुष्क रहने के आसार हैं। इसके अलावा हरिद्वार और उधम सिंह नगर के कुछ इलाकों में घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।
देहरादून का मौसम
राजधानी देहरादून में आज मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने की संभावना है। आसमान ज्यादातर साफ रहेगा, हालांकि कुछ समय के लिए हल्के बादल भी दिखाई दे सकते हैं। सुबह के वक्त शहर में हल्का कुहासा छाने के आसार हैं। तापमान की बात करें तो अधिकतम पारा करीब 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 9 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
पंतनगर में सबसे ठंडा, पहाड़ों में भी लुढ़का पारा
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बीते दिन राज्य के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। देहरादून में अधिकतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि रात का पारा 7.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पंतनगर में दिन का तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मैदानी इलाकों में सबसे कम रहा। पहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 18.5 डिग्री और न्यूनतम 7.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, वहीं नई टिहरी में दिन का पारा 16.5 डिग्री और रात का 7.2 डिग्री सेल्सियस रहा।





