नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कुछ देशों पर नए टैरिफ लगाने के फैसले के बाद भारत में भी इस पर चर्चा तेज हो गई है। इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ किया कि भारत घबराने वाला नहीं है और इन टैरिफ से निपटने की पूरी तैयारी है।
अमित शाह का बयान – “भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है”
दिल्ली में आयोजित ‘राइजिंग भारत शिखर सम्मेलन’ में बोलते हुए अमित शाह ने कहा,”बाहरी दबावों से भारतीय नागरिकों में घबराहट नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भारत अकेला देश नहीं है जो टैरिफ का सामना कर रहा है। कई और देश भी इस स्थिति से गुजर रहे हैं। हमारी घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत और लचीली है, इसलिए किसी को डरने की जरूरत नहीं है,” शाह ने जोड़ा।
पीयूष गोयल ने कहा- अमेरिका से बातचीत होगी
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अमेरिका से बातचीत करेगा ताकि पारस्परिक टैरिफ (Reciprocal Tariffs) से छूट मिल सके। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका इस साल के अंत तक एक द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) पर बातचीत करने के लिए सहमत हो चुके हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर का बयान – जल्द होगी बातचीत
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी इस मुद्दे पर सफाई दी। उन्होंने कहा,”हमने फैसला किया है कि ट्रंप प्रशासन से इन व्यापारिक मुद्दों पर जल्द बातचीत करेंगे।”जयशंकर ने बताया कि फरवरी में वाशिंगटन डीसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात के दौरान BTA के पहले चरण पर बातचीत की बात तय हुई थी।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में अमेरिका ने कुछ देशों से आने वाले सामान पर नए टैरिफ लगाने की योजना बनाई है। यह टैरिफ नीति “पारस्परिकता” के आधार पर होगी, यानी जितना अमेरिका पर टैरिफ लगता है, उतना ही वह भी लगाएगा। इससे भारत के कुछ उत्पादों पर असर पड़ सकता है, लेकिन भारत सरकार ने आश्वासन दिया है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था या जनता पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा।




