back to top
26.1 C
New Delhi
Friday, April 10, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

अमेरिकी दबाव से भारत-रूस संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा: लावरोव

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी दबाव से भारत-रूस संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह बात रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शुक्रवार को कही। लावरोव ने कहा कि अगर भारत यूक्रेन समस्या के समाधान के लिए मध्यस्थता करना चाहता है, तो ऐसी प्रक्रिया का समर्थन किया जा सकता है। लावरोव भारत की दो दिवसीय यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने कच्चे तेल की पेशकश, रुपये-रूबल भुगतान, चल रहे हथियारों के सौदे, यूक्रेन संकट और अफगानिस्तान और ईरान की स्थिति पर अपने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर के साथ विचार-विमर्श किया। वह शाम को मॉस्को वापस जाने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। यूक्रेन संकट में भारत की बड़ी भूमिका के बारे में लावरोव ने कहा, भारत एक महत्वपूर्ण और गंभीर देश है। भारत हमारा साझा भागीदार है और अगर भारत समाधान प्रदान करने वाली भूमिका निभाता है, तो हम यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी के लिए हैं। पश्चिम ने अपनी जिम्मेदारी को नजरअंदाज किया है.. अगर भारत अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के प्रति न्यायसंगत और तर्कसंगत ²ष्टिकोण के साथ है तो ऐसी प्रक्रिया का समर्थन कर सकता है। यूक्रेन संकट पर भारत के ²ष्टिकोण पर उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति उसकी स्वतंत्र स्थिति से निर्देशित होती है। रूसी विदेश मंत्री ने आगे कहा, मेरा मानना है कि भारतीय विदेश नीतियों की विशेषता स्वतंत्रता और वास्तविक राष्ट्रीय वैध हितों पर एकाग्रता है। वही नीति रूसी संघ में आधारित है और यह हमें बड़े देश, अच्छे दोस्त और वफादार भागीदार बनाती है। भारत संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन से संबंधित सात प्रस्तावों पर तटस्थ रहा है। लावरोव ने स्पष्ट रूप से कहा कि यूक्रेन में रूस का उद्देश्य कीव शासन को रूस के लिए कोई खतरा पेश करने की क्षमता के निर्माण से वंचित करना है। यहां मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत के दौरान, लावरोव ने यूक्रेन संकट के बारे में बात करते हुए कहा, आपने इसे युद्ध कहा जो सच नहीं है। यह एक विशेष ऑपरेशन है, सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है। कच्चे तेल और हथियारों की आपूर्ति पर, शीर्ष रूसी राजनयिक ने कहा कि उनका देश भारत को किसी भी सामान की आपूर्ति करने के लिए तैयार होगा जो नई दिल्ली उनसे खरीदना चाहता है। उन्होंने कहा, हम चर्चा के लिए तैयार हैं। रूस और भारत के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। बैठक के दौरान, लावरोव और जयशंकर ने सहयोग की समग्र स्थिति का आकलन किया और व्यापार और आर्थिक संबंधों पर हाल के विकास के प्रभावों पर विचार किया। दोनों मंत्रियों ने यूक्रेन से संबंधित घटनाक्रम पर चर्चा की। लावरोव ने कीव और मॉस्को के बीच शांति वार्ता सहित रूस के ²ष्टिकोण से भारतीय पक्ष को जानकारी दी। जयशंकर ने हिंसा की समाप्ति और शत्रुता समाप्त करने के महत्व पर जोर दिया। मतभेदों और विवादों को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से और अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर, राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान से हल किया जाना चाहिए। मंत्रियों ने अफगानिस्तान की स्थिति पर भी चर्चा की, जिसके दौरान लावरोव ने चीन में काबुल पर हालिया सम्मेलन के अपने आकलन से अवगत कराया। जयशंकर ने उल्लेख किया कि यूएनएससीआर 2593 ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को व्यक्त किया और अफगान लोगों के लिए मानवीय समर्थन की बात कही। ईरान और 2015 के परमाणु समझौते के मुद्दे को भी वार्ता में शामिल किया गया। यह पूछे जाने पर कि क्या द्विपक्षीय व्यापार के लिए रूबल-रुपये प्रणाली पर काम किया जा रहा है, लावरोव ने कहा, हमें बाधाओं को दूर करने के तरीके खोजने होंगे। –आईएएनएस एकेके/एएनएम

Advertisementspot_img

Also Read:

छुट्टी रद्द होते ही GenZ कर्मचारी का अनोखा रिएक्शन, एयरपोर्ट से बोलीं- अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । सोचिए, आप फ्लाइट पकड़ने ही वाले हों और तभी ऑफिस से मैसेज आए कि आपकी छुट्टियां रद्द कर दी गई...
spot_img

Latest Stories

कल्प नाम का मतलब-Kalp Name Meaning

Meaning of Kalp / कल्प नाम का मतलब :...

Deepika Padukone ने लेदर जैकेट में ढाया कहर, बढ़ गया इंटरनेट का पारा

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। Deepika Padukone का नाम बॉलीवुड...

गर्मी में बनना चाहती हैं क्रीमी और टेस्टी कुल्फी? तो ये रही खास रेसिपी

नई दिल्ली ,रफ्तार डेस्क। गर्मी का मौसम आते ही...

गर्मी में हीटवेव से ऐसे करें बचाव, इन टिप्स को फॉलो करके सेहत का रखें ध्यान

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। अप्रैल का महीना शुरू हो...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵