नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड तीन दिन के भारत दौरे पर हैं। नई दिल्ली पहुंचते ही उन्होंने अजीत डोभाल की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण सुरक्षा व खुफिया समिट में हिस्सा लिया। साथ ही डोभाल के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। इस बैठक में दोनों देशों के संबंधों को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
इस बात पर दोनों देशों के बीच बनी सहमति
बैठक में इस बात पर सहमति बनी है कि अमेरिका में भारत विरोधी गतिविधियों के लिए अब कोई जगह नहीं मिलेगी। 20 देशों की खुफिया विभाग के प्रमुखों की हो रही बैठक से इतर डोभाल और गबार्ड की यह द्विपक्षीय मुलाकात हुई। समिट का आयोजन आतंकवाद का मुकाबला करने और खुफिया जानकारी साझा करने में सहयोग बढ़ाने के लिए किया गया है। गबार्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस लौटने के बाद भारत आने वाली पहली उच्च-स्तरीय अधिकारी हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अगले महीने भारत आ सकते हैं, इसके लिए दोनों देश बातचीत कर रहे हैं।
मोदी ने तुलसी को किया है आमंत्रित
बता दें कि गबार्ड मुख्य रूप से खुफिया प्रमुखों की बैठक में शामिल होने भारत के दौरे पर हैं। वे 18 मार्च को रायसीना डॉयलाग में शामिल होंगी, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आमंत्रित किया है। वहीं दूसरी ओर हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान तुलसी से मुलाकात की थी। वह अमेरिकी राष्ट्रपति के अतिथि गृह ‘ब्लेयर हाउस’ में प्रधानमंत्री मोदी से मिलने वाली पहली अमेरिकी अधिकारी थीं।
तुलसी का भारत दौरा क्यों है अहम ?
तुलसी की भारत यात्रा खास मानी जा रही है, क्योंकि यह ऐसे समय में हो रही है जब रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता, हमास-इजरायल युद्ध और पाकिस्तान में बलूच लड़ाकों के विद्रोह और आंतकी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। तुलसी भारत के अलावा जापान, होनोलुलू, थाईलैंड और कुछ समय के लिए फ्रांस भी जाएंगी।




