नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । उत्तर प्रदेश में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एक बड़ा बयान दिया है। इमरान के इस बयान को यूपी विधानसभा चुनावा 2027 से जोड़कर देखा जा रहा है। जो इंडिया गठबंधन में दरार के साफ संकेत देता है। अब इस बीच, विधानसभा चुनाव 2027 में समाजवादी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इमरान के इस बयान पर कई लोगों की अलग-अलग राय है। हालांकि, सियासी गलियारों में इसकी चर्चा भी तेज हो गई है।
दरअसल, कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा कि इस बार UP में 80-17 का फॉर्मूला नहीं चलेगा। अगर पार्टी को खड़ा करना है तो अपने पैरों पर खड़ा करना है। हमें बैसाखी की ज़रूरत क्यों पड़ रही है। हम भिखारी नहीं है कि हमें भीख में कुछ चाहिए। हालांकि, सपा से गठबंधन करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसे लेकर पार्टी नेतृत्व तय करेगा
कांग्रेस सांसद ने यूपी में पार्टी की तैयारियों को लेकर कहा कि हम संगठन को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। हम बूथ लेवल पर कार्यकर्ताओं को मजबूत कर रहे हैं ताकि पार्टी मजबूत हो। कांग्रेस के पुराने स्वरूप को पाने के लिए हम जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं। हम इस बार गहतफहमी में नहीं रहेंगे। हम हमारे स्तर पर बेहतर तैयारियां कर रहे हैं।
कांग्रेस को बैसाखी की ज़रूरत नहीं
इमरान मसूद ने आगे कहा कि कांग्रेस अपने आप में सक्षम हैं, कांग्रेस को बैसाखी की ज़रूरत नहीं है। वोट राहुल गांधी के नाम पर पड़ा है 2024 में.. राहुल गांधी के नाम पर इमरान मसूद सांसद बना है किसी और के नाम पर नहीं.. आगामी विधानसभा चुनाव में किसके साथ गठबंधन करना है ये पार्टी तय करेगी, लेकिन कार्यकर्ताओं की हत्या करके राजनीति नहीं हो पाएगी। सारे नेताओं को आप खत्म करना चाहते हो तो ऐसा नहीं होगा। यूपी में कांग्रेस को अपने दम पर खड़ा करना है। हमें बैसाखी की जरुरत क्यों पड़ रही है। हम भिखारी नहीं है कि हमें भीख में कुछ चाहिए।
‘PDA में मुसलमान कहां हैं?’
इस वक्त देश के भीतर बीजेपी को कोई नेता टक्कर दे रहा है तो वो राहुल गांधी है। जो बीजेपी को मुंहतोड़ जवाब दे रहे हे। राहुल गांधी का मुकाबला कोई नहीं कर सकता, उनकी एक भी बात गलत साबित नहीं हुई। हम अल्पसंख्यक नहीं है। मुसलमान सबसे बड़ा वोट बैंक है।
इस दौरान, इमरान मसूद ने अखिलेश यादव को PDA फॉर्मूले को लेकर भी घेरा। और कहा कि PDA में मुसलमान कहां है। हमें अल्पसंख्यक क्यों कहा जा रहा है। हम मुसलमान क्यों नहीं है। आपको मुसलमान कहने पर शर्म क्यों आ रही है। हमारा नाम लेते हुए आपको शर्म क्यों आती है।




