सहारनपुर, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में प्रसिद्ध इस्लामिक मदरसा, दारुल उलूम देवबंद ने अब इच्छुक छात्रों के दस्तावेजों को सत्यापन और उनकी जांच के लिए स्थानीय खुफिया इकाई के साथ साझा करने का निर्णय लिया है। ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि यदि कुछ छात्र किसी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाते हैं तो संस्थान का नाम खराब न हो। मदरसा के कार्यवाहक कुलपति, अब्दुल खालिक मद्रासी ने कहा कि सेमिनरी अपनी प्रवेश प्रक्रिया के अन्य पहलुओं को भी और अधिक कठोर बनाएगी क्योंकि मदरसा अक्सर संदिग्ध तत्वों को पनाह देने के लिए आलोचनाओं के घेरे में आ जाता है। उन्होंने कहा कि लोग छात्रों के कुकर्मों के लिए मदरसा को दोषी ठहराते हैं, भले ही संस्थान का काम शैक्षणिक गतिविधियों तक ही सीमित है। संस्थान की प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए, हमने सभी नए प्रवेशकों का पुलिस सत्यापन कराने का फैसला किया है। –आईएएनएस एमएसबी/आरएचए




