नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी को महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है। इसी बीच संकेत मिल रहे हैं कि महाकुंभ में यूपी कैबिनेट बैठक होने वाली है। यह संकेत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिये हैं। उन्होंने गुरुवार को कहा कि अन्य राज्यों के मंत्रिमंडल भी यहां आएंगे। यह चौथी बार होगा जब यूपी कैबिनेट की बैठक लखनऊ के बाहर होगी। पहली बार 2019 कुंभ के दौरान प्रयागराज में उसके बाद वाराणसी में और फिर नवंबर 2024 में देव दीपावली से पहले अयोध्या में हुई थी। योगी ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ में त्रिवेणी स्नान (पवित्र डुबकी) के लिए दुनिया भर में जबरदस्त उत्साह है, कई राज्यों के मंत्रिमंडल इसकी तैयारी कर रहे हैं और 80% टेंट बुक हो चुके हैं।
अभी तक औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है
बता दें कि यह पहली बार नहीं है कि प्रयागराज में कैबिनेट की बैठक बुलाई गई हो, इससे पहले 2019 के कुंभ मेले के दौरान भी कैबिनेट की बैठक बुलाई गई थी। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई मंत्रियों के साथ त्रिवेणी संगम में स्नान किया था। यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि कैबिनेट बैठक के बाद उसी दिन मुख्यमंत्री योगी अपने मंत्रिमंडल के साथ गंगा के संगम में डुबकी लगाएंगे। इसके बाद पूरा कैबिनेट भोजन भी एक साथ नाथ संप्रदाय के शिविर में कर सकता है। हालांकि इस बात का अभी तक औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है।
राज्य को इसका लाभ उठाना चाहिए
महाकुंभ की अंतिम तैयारियों की समीक्षा करने के लिए प्रयागराज में दो दिवसीय दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन यूपी की क्षमता को प्रदर्शित करने और ब्रांड बनाने का सबसे अच्छा अवसर है और राज्य को इसका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीम यूपी इस “सनातन भारतीय संस्कृति के भव्य उत्सव” की सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। गुरुवार को CM ने मेला क्षेत्र में तैयारियों का निरीक्षण किया और शहर व आसपास के जिलों में व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने गंगा, यमुना व सरस्वती स्वागत द्वार और नक्षत्र वाटिका समेत कई परियोजनाओं का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। उन्होंने पुलिस विभाग को खुफिया तंत्र को बेहतर बनाने और किसी भी आपात या आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
40 करोड़ से अधिक लोगों की आने उम्मीद
उन्होंने अधिकारियों को उन्हें सौंपे गए सेक्टरों में रात भर रुकने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 40 करोड़ से अधिक आगंतुकों की उम्मीद है, ऐसे में भीड़ प्रबंधन योजना का जमीनी स्तर पर परीक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्य जिलों से प्रयागराज जाने वाले मार्गों पर लगातार पुलिस गश्त जरूरी है। पौष पूर्णिमा से पहले दो दिवसीय विशेष सफाई अभियान चलाया जाना चाहिए, जिसमें जनप्रतिनिधियों को भी भाग लेना चाहिए। शहर या मेला क्षेत्र में किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं होने दिया जाना चाहिए।
आयोजन को लेकर की गई पुख्ता व्यवस्था
मुख्यमंत्री को आवश्यक पुलिस बल की तैनाती और सभी डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के बारे में बताया गया। 30 पंटून पुल, 626 साइनेज, 635 किमी चेकर्ड सड़कें, पेयजल के लिए 503 किमी डीआईपी लाइन, 573 किमी जीआईपी लाइन, 5,590 पेयजल स्टैंड पोस्ट, 200 किमी ड्रेनेज लाइन, 54,700 स्ट्रीट लाइट, 173 किमी एचटी लाइन, 1,310 किमी एलटी लाइन और 227 बिजली सबस्टेशन स्थापित किए गए हैं।
प्रयागराज मार्ग पर काम लगभग पूरा हो चुका है
निजी और सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में बेड हैं, जिनमें एक 100-बेड यूनिट, दो 25-बेड यूनिट, चार 20-बेड यूनिट और एक 60-बेड बर्न यूनिट शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने जल निगम को शुद्ध पेयजल और स्वच्छ शौचालय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है और विभागों से कहा है कि वे किसी भी शेष कार्य को समय पर पूरा करने के लिए मैनपावर बढ़ाएं। उन्होंने अधिकारियों को सामुदायिक केंद्रों, संस्थागत परिसरों और सरकारी विभाग के शिविरों में शौचालयों की स्थापना में तेजी लाने और उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। चल रही सड़क परियोजनाओं की स्थिति पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रायबरेली-प्रयागराज मार्ग पर काम लगभग पूरा हो चुका है।




