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Thursday, March 19, 2026
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Unemployment : देश में कम हुई बेरोजगारी; दिल्ली समेत इन 5 राज्यों में सबसे कम बेरोजगार

Unemployment Rate : वित्त वर्ष 2024 की जनवरी से मार्च तिमाही में बेरोजगारी दर 6.7 प्रतिशत रही। आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में सबसे कम बेरोजगार हैं।

नई दिल्ली, रफ्तार। देश में बेरोजगारी कम हुई है। वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही में बेरोजगारी दर में गिरावट दर्ज की गई है। वित्‍त वर्ष 2023 की जनवरी-मार्च तिमाही में यह आंकड़ा 6.8 प्रतिशत था। 2024 वित्‍त वर्ष की समान अवधि में यह घटकर 6.7 प्रतिशत हो गई। 23 मई को जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के मुताबिक दिल्‍ली में सबसे कम बेरोजगार हैं। केरल में सबसे अधिक लोग नौकरी की तलाश में हैं।

केरल के लोग नौकरी के लिए जा रहे दूसरे प्रदेश

सर्वेक्षण के अनुसार केरल में 15-29 आयु वर्ग में सबसे अधिक बेरोजगारी दिखी। यहां अधिकतर लोग अपनी पहली नौकरी की तलाश में दूसरे प्रदेश जाते हैं। यह सर्वे केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MOSPI) द्वारा कराया गया है। उक्त आंकड़े 22 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के सर्वे के आधार पर जारी हुए हैं।

गुजरात, हरियाणा में भी बेरोजगारी कम

सर्वे के अनुसार सबसे कम बेरोजगारी दर वाले पांच राज्य हैं। इनमें दिल्‍ली, गुजरात, हरियाणा, गुजरात, कर्नाटक और मध्‍य प्रदेश शामिल हैं। दिल्ली में 3.1 प्रतिशत, गुजरात 9 प्रतिशत, हरियाणा 9.5 प्रतिशत, कर्नाटक 11.5 प्रतिशत और मध्य प्रदेश में 12.1 प्रतिशत लोग बेरोजगार थे। सबसे अधिक बेरोजगारी दर वाले राज्‍यों में केरल 31.8 प्रतिशत लोग बेरोजगार हैं। दूसरे नंबर पर जम्मू-कश्मीर है, जहां 28.2 प्रतिशत लोग रोजगार की तलाश में हैं। तेलंगाना में26.1 प्रतिशत बेरोजगार, राजस्थान में 24 प्रतिशत और ओडिशा में 23.3 प्रतिशत लोग पहली नौकरी का इंतजार कर रहे हैं।

सबसे अधिक जम्मू-कश्मीर में महिलाएं बेरोजगार

सर्वेक्षण के अनुसार सबसे अधिक महिला बेरोजगारी जम्मू-कश्मीर में 48.6 प्रतिशत, केरल में 46.6 प्रतिशत, उत्तराखंड में 39.4 प्रतिशत, तेलंगाना में 38.4 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश 35.9 प्रतिशत पाई गई। महिलाओं के बीच सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्य दिल्ली में 5.7 प्रतिशत, गुजरात में 10.9 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 13.5 प्रतिशत, हरियाणा में 13.9 प्रतिशत, कर्नाटक में 15 प्रतिशत हैं।

कैसे होती है गणना?

हर तीन महीने में एक बार पीएलएफएस किया जाता है। यह बेरोजगारी दर, श्रम बल भागीदारी दर और श्रमिक जनसंख्या अनुपात की गणना करता है। बेरोजगारी दर की गणना वर्तमान साप्ताहिक स्थिति पर की जाती है। इसके तहत एक व्यक्ति को एक हफ्ते में तब बेरोजगार माना जाता है, जब वह उस हफ्ते किसी भी दिन एक घंटे के लिए भी काम नहीं किया हो।

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