नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । भारतीय एयरलाइंस इंडिगो एक बार फिर विवादों में घिर गई है। हरियाणा के गुरुग्राम में एयरलाइंस के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ एक ट्रेनी पायलट ने SC/ST एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गंभीर आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है।
इन तीनों सीनियर अफसरों में आरोप है कि, कंपनी के ऑफिस में ट्रेनी पायलट के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर लोगों के सामने अपमानजनक व्यवहार किया गया। शिकायत करने वाले पायलट ने कहा कि उसे यह कहकर अपमानित किया गया कि वह विमान उड़ाने लायक नहीं है और सार्वजनिक जगहों पर ‘जाकर चप्पल सिले’।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
इस मामले को पहले बेंगलुरु में जीरो FIR के रूप में मामला दर्ज किया गया है, जिसे बाद में गुरुग्राम के DLF फेज-1 पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर कर दिया गया। FIR दर्ज होने के बाद भी इंडिगो एयरलाइंस ने इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। और संबंधित अफसरों के बयान दर्ज किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
ट्रेनी पायलट ने सीनियर अफसरों पर लगाए गंभीर आरोप
35 वर्षीय ट्रेनी पायलट ने अपने तीन सीनियर अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उसे जाति के आधार पर प्रताडि़त किया और बुरा भला कहा गया। अपमान कर काम के बहाने परेशान किया।
पायलट ने अपनी शिकायत में कही ये बात
पायलट ने अपनी शिकायत में कहा कि, 28 अप्रैल को उसे इंडिगो के हेड ऑफिस (एमार कैपिटल टॉवर-2, गुरुग्राम) में बैठक के लिए बुलाया गया। यहां मौजूद तपस डे, मनीष साहनी और कैप्टन राहुल पाटिल ने उनके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक टिप्पणियां कीं।
बड़े अधिकारियों और एथिक्स कमेटी ने भी नहीं सुनी
पायलट ने आरोप लगाया, “मुझे ऑफिस पहुंचते ही कहा गया कि तुम हवाई जहाज उड़ाने के लायक नहीं हो, वापस जाओ और चप्पलें सिलो। यहां तो तुम चौकीदार बनने लायक भी नहीं हो।” पीड़ित पयलट ने बताया कि, उसने ये मामला कंपनी के बड़े अधिकारियों और एथिक्स कमेटी के पास भी उठाया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिर में उन्हें SC/ST सेल से संपर्क करना पड़ा और FIR दर्ज करानी पड़ी।





