नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर NH-48 और द्वारका एक्सप्रेसवे पर दोपहिया, ई-रिक्शा और ट्रैक्टर जैसे धीमी गति वाले वाहनों की मुख्य लेन में एंट्री पर रोक लगा दी है, जहां बुधवार शाम को ट्रैफिक विभाग ने दिल्ली-जयपुर हाइवे और द्वारका एक्सप्रेसवे पर धीमी रफ्तार से चलने वाले वाहनों की आवाजाही पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह फैसला हाई-स्पीड कॉरिडोर पर हो रही लगातार दुर्घटनाओं के चलते लिया गया है।
इन गाड़ियों पर लगी पाबंदी
जहां ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, दोपहिया वाहन मोटरसाइकिल, स्कूटर, तीन पहिया वाहन ई-रिक्शा, ई-कार्ट गैर-मोटर चलित वाहन, कृषि ट्रैक्टर, मल्टी-एक्सल हाइड्रोलिक ट्रेलर जैसी गाड़ियों को अब NH-48 पर सिरहौल बॉर्डर से खेड़की दौला तक और द्वारका एक्सप्रेसवे पर खेड़की दौला से दिल्ली बॉर्डर तक की मुख्य लेन पर चलने की अनुमति नही होगी। ये वाहन अब केवल सर्विस लेन पर ही चल सकेंगे।
इसमें ट्रैफिक पुलिस ने साफ कर दिया है कि, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन रास्तों पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नए नियमों की जानकारी दी जा रही है। ताकि कोई भ्रम की स्थिति न रहे।
हालिया हादसों के बाद लिया गया फैसला
हाल के दिनों में हुई दो गंभीर दुर्घटनाएं हुईं जिसके बाद ये फैसला लिया गया है। पहली घटना 21 जून को हुई, जब दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल 39 वर्षीय अशोक कुमार की मौत उस समय हो गई जब जयपुर जा रही राज्य परिवहन बस पंचगांव चौक के पास पलट गई थी। बिलासपुर थाना के एसआई बीरेंद्र सिंह के मुताबिक, बस का चालक एक वैगनआर को बचाने की कोशिश में नियंत्रण खो बैठा था। दूसरी घटना 11 जून को हुई, जब राजस्थान के अलवर से दिल्ली जा रहे 24 वर्षीय सुमित मीणा की मौत एक भीषण सड़क हादसे में हो गई। सुमित अपने चार दोस्तों के साथ हुंडई i20 में सफर कर रहे थे, जब मन्नत होटल के पास उनकी गाड़ी एक अज्ञात भारी वाहन से टकरा गई। सुमित के पिता ने शिकायत में आरोप लगाया कि, गाड़ी चला रहा दोस्त लापरवाही से गाड़ी चला रहा था।
इन दोनों हादसों ने सरकार को सोचने पर मजबूर कर दिया। आखिरकार, ट्रैफिक पुलिस को यह कड़ा फैसला लेना पड़ा। यह पहल उन लोगों के लिए चेतावनी है जो बिना सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हुए हाई-स्पीड सड़कों पर उतर जाते है।





