नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने कहर बरपा दिया। राज्य के कुल्लू और कांगड़ा जिलों में बादल फटने की घटनाओं के बाद अचानक बाढ़ आ गई, जिससे भारी तबाही मची। इस हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई है, जबकि करीब 20 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
कांगड़ा में मजदूरों को बहा ले गई बाढ़
कांगड़ा जिले में मनुनी खड्ड में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया, जिससे इंदिरा प्रियदर्शिनी जलविद्युत परियोजना के पास एक मजदूर कॉलोनी बाढ़ की चपेट में आ गई। वहां रह रहे 15 से 20 मजदूरों के बहने की आशंका है। दो शव भी बरामद हुए हैं। SDRF और प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
कुल्लू में तीन स्थानों पर फटा बादल
कुल्लू जिले के सैंज, गड़सा और रेहला बिहाल क्षेत्रों में तीन अलग-अलग जगहों पर बादल फटे। इससे कई घर, एक स्कूल भवन, संपर्क सड़कें और छोटे पुल बह गए। रेहला बिहाल में 3 लोग बाढ़ में बह गए, जो अपने घरों से सामान निकालने की कोशिश कर रहे थे। कुल्लू के एडीसी अश्विनी कुमार ने बताया कि मनाली और बंजार में भी बाढ़ आई है। ब्यास नदी के उफान पर आने से मनाली-चंडीगढ़ हाईवे को आंशिक नुकसान पहुंचा है, हालांकि वाहनों की आवाजाही अभी जारी है।
बाढ़ के भयानक दृश्य
सोशल मीडिया पर भारी तबाही के वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में एक वाहन कोचड़ भरे बाढ़ के पानी में बहते हुए देखा गया है। बंजार विधायक सुरिंदर शौरी ने बताया कि सैंज, तीर्थन और गड़सा क्षेत्रों से लगातार कॉल आ रही हैं और उन्होंने प्रशासन से तुरंत मदद पहुंचाने को कहा है।
नदियों का जलस्तर बढ़ा, कई रास्ते बंद
ब्यास और सतलुज नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। लाहौल-स्पीति में काजा से समदोह तक सड़कें भूस्खलन और मलबा गिरने से कई जगहों पर बंद हो गई हैं।
भारी बारिश के आंकड़े और अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार शाम से कई जगहों पर तेज बारिश हुई है। पालमपुर: 145.5 मिमी, जोगिंदरनगर: 113 मिमी, नाहन: 99.8 मिमी, धर्मशाला: 54.1 मिमी, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में गुरुवार शाम तक बाढ़ का खतरा बताया गया है और यलो अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में अचानक आई यह प्राकृतिक आपदा एक बार फिर पहाड़ी इलाकों की नाजुक स्थिति की याद दिलाती है। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी के बाद लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।




